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SEBI को मिला नया चीफ, तुहिन कांत पांडे बने नए चेयरमैन, जानें क्या होगी उनकी सैलरी?

भारत सरकार ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) का नया चेयरमैन नियुक्त कर दिया है। अब तुहिन कांत पांडे को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह माधबी पुरी बुच की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 28 फरवरी 2025 को समाप्त हो रहा है। तुहिन कांत पांडे आगामी 3 वर्षों तक SEBI का नेतृत्व करेंगे।

तुहिन कांत पांडे ऐसे समय में SEBI की कमान संभाल रहे हैं जब भारतीय शेयर बाजार को कई गंभीर समस्याओं और चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पांडे की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब निवेशकों और बाजार के सभी हितधारकों को एक स्थिर और मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है। उनके पास प्रशासन और वित्तीय क्षेत्र में लंबा और कड़ा अनुभव है, जो उन्हें इस कठिन भूमिका के लिए उपयुक्त बनाता है।

DIPAM में कार्यकाल से मिली खास पहचान

तुहिन कांत पांडे ओडिशा कैडर के 1987 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं। उन्होंने सितंबर 2024 में वित्त सचिव का पद संभाला था, जब टीवी सोमनाथन को कैबिनेट सेक्रेटरी बनाया गया। इससे पहले वह डिपार्टमेंट ऑफ इन्वेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव थे, जहां उन्होंने एयर इंडिया के निजीकरण और LIC के शेयर बाजार में लिस्टिंग जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया था। उनकी नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक निर्णयों के कारण इन पहलुओं में सफलता मिली थी।

सैलरी और सुविधाएं: SEBI प्रमुख की अहम भूमिका

SEBI के अध्यक्ष को भारत सरकार के सचिव के बराबर वेतन और सुविधाएं मिलती हैं। तुहिन कांत पांडे हर महीने 5,62,500 रुपये वेतन के रूप में प्राप्त करेंगे, जिसमें मकान और कार की सुविधा नहीं दी जाती है। यह SEBI प्रमुख की भूमिका की अहमियत को दर्शाता है, क्योंकि उनके पास देश के शेयर बाजार की पूरी निगरानी और उसे संचालित करने की जिम्मेदारी होगी।

शेयर बाजार की स्थिरता में उम्मीद

SEBI के नए अध्यक्ष के तौर पर तुहिन कांत पांडे की नियुक्ति से बाजार को स्थिरता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। उनके पास वित्तीय, प्रशासनिक और निवेश प्रबंधन से जुड़ा बहुत बड़ा अनुभव है, जिससे वह बाजार में स्थिरता लाने में सक्षम होंगे। निवेशकों और बाजार के अन्य भागीदारों को अब उनसे सही दिशा की उम्मीद है।

तुहिन कांत पांडे की शिक्षा और पेशेवर पृष्ठभूमि

तुहिन कांत पांडे ने पंजाब विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री प्राप्त की और इसके बाद यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम (UK) से एमबीए की डिग्री हासिल की। उनके शिक्षण और अनुभव ने उन्हें भारतीय आर्थिक और वित्तीय प्रणाली की गहरी समझ प्रदान की है, जो उनके SEBI के कार्यकाल को और प्रभावी बना सकती है।

माधबी पुरी बुच का कार्यकाल समाप्त

तुहिन कांत पांडे की नियुक्ति से पहले, माधबी पुरी बुच ने SEBI की अध्यक्षता की थी। वह SEBI की पहली महिला प्रमुख थीं और उन्होंने 2 मार्च 2022 को यह पद संभाला था। उनका कार्यकाल 28 फरवरी को समाप्त हो रहा है। उनके नेतृत्व में SEBI ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे और भारतीय बाजार को नई दिशा देने की कोशिश की थी।

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