देवरीकलां(सागर)-मंडी में अधिकारी कर्मचारियों की मिलीभगत से नहीं जमा हो पा रहा मंडी शुल्क|
कमलेश खरें की रिपोर्ट
केसली नए कृषि कानून के तहत जहां मंडियों से पाबंदी हटा दी गई थी जिसके चलते शासन को करोड़ों रुपए की मंडी शुल्क प्राप्त नहीं हुई लेकिन न्यायालय में प्रकरण जाने के बाद यथास्थिति होने के बाद मंडी के अधिकारी कर्मचारी द्वारा मंडी शुल्क की वसूली ना करते हुए व्यापारियों से मिलीभगत कर पैसे ले रहे हैं जिसको लेकर लगातार शिकायतें चल रही है इस संबंध में किसानों द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि मंडी में कोई डाक नहीं होती ना ही कोई कर्मचारी होता है मंडी अधिकारी कर्मचारी एवं व्यापारी की सांठगांठ से किसान एवं मंडी दोनों को हानि पहुंचाई जा रही है केसली कृषि उपज मंडी में लगातार अनियमितताएं चल रही है अधिकारी कर्मचारी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र केसली की मंडी में उपस्थित नहीं होते कभी कबार ही मंडी जाते हैं वहीं व्यापारियों से तालमेल कर किसानों के हित में कोई कार्य नहीं किया जाता सीधे व्यापारियों से पैसे लिए जाते हैं और मंडी में जमा नहीं किए जाते जिसको लेकर किसानों द्वारा उप संचालक कृषि उपज मंडी बोर्ड से कार्यवाही की मांग की है|


