आष्टा(सीहोर)| श्री सज्जन वर्मा के निर्देश पर कैलाश परमार ने उच्च न्यायालय जबलपुर में दी दस्तक।आष्टा में मेडीकल आक्सीजन प्लांट हेतु प्रस्तुत की जनहित याचिका

धर्मेंद्र विश्वकर्मा की रिपोर्ट|
आष्टा। माह अप्रेल 2021 में सम्पूर्ण अंचल के साथ आष्टा में भी महामारी कोविड-19 का प्रकोप अत्यंत गंभीर एवं उच्चतम अवस्था में पहुच चुका था, चारो और हा-हाकार हो रहा था, सरकार की लापरवाही व कुप्रबंधन से मरीजो को आक्सीजन मिलना बंद सा हो गया था फलस्वरूप रोज ही मृत्यु ही मृृत्यु हो रही थी, देश प्रदेश के साथ हजारो नागरिक आष्टा में कोविड-19 से प्रभावित हो रहे थे और सैकड़ो लोग मृत्यु को प्राप्त हो रहे थे, ऐसी स्थिति में जागरूक नागरिको ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं उच्च अधिकारियों को सिविल अस्पताल आष्टा में मेडीकल आक्सीजन प्लांट की स्थापना बाबत अवगत कराना चाहा परंतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं उच्च अधिकारियो से किसी भी प्रकार से संवाद स्थापित नही हो रहा था। ऐसे में देवास लोकसभा क्षैत्र जिसमें आष्टा सम्मलित है के पूर्व सांसद वर्तमान सोनकच्छ विधायक पूर्व मंत्री म.प्र. शासन श्री सज्जनसिंह वर्मा ने नागरिको की मांग पर अपनी विधायक निधि से 25 लाख रूपये आष्टा में मेडीकल आक्सीजन प्लांट की स्थापना हेतु देने की घोषणा करते हुए समाज के अग्रणी वर्ग से इस कार्य हेतु आर्थिक मदद करने का आव्हान किया। तत्पश्चात श्री सज्जनसिंह वर्मा ने विधि एवं प्रक्रिया अनुरूप कलेक्टर देवास एवं कलेक्टर सीहोर को पत्र दिनांक 27.04.2021 तथा पत्र दि. 28.04.2021 लिख कर 25 लाख रूपये जिला कलेक्टर सीहोर के शासकीय खाते में विधायक निधि से जमा करवा दिए तब स्थानीय वर्तमान सांसद ने सांसद निधि से 10 लाख रूपये, स्थानीय विधायक ने विधायक निधि से 20 लाख रूपये भी इस कार्य हेतु प्रदत्त करने के पत्र जारी किए। आष्टा के नागरिक होने तथा मेडीकल आक्सीजन प्लांट जैसे पुण्य एवं पवित्र कार्य में पूर्व नगरपालिका परिषद आष्टा के अध्यक्ष होने से 1 लाख रूपये अपनी निजी राशि से स्थानीय रोगी कल्याण समिति में जमा किए।
पूर्व सांसद श्री सज्जनसिंह वर्मा ने कलेक्टर सीहोर को बारम्बार पत्र लिख कर तथा मीडिया के माध्यम से आष्टा में मेडीकल आक्सीजन प्लांट के कार्य को शीघ्र शुरू करवाने का आग्रह किया परंतु लालफीताशाही की वजह से यह कार्य आज तक शुरू नही हो सका है। देश के विशेषज्ञ आसन्न तीसरी लहर की संभावनाओ को देखते हुए लगातार चेतावनी जारी कर रहे है किंतु म.प्र. शासन एवं स्थानीय प्रशासन के साथ ही स्थानीय जनप्रतिनिधि इसमे रूचि नही दिखा रहे है। क्षेत्र में कोविड की गंभीरता पुनः उत्पन्न हो उसके पूर्व मेडीकल आक्सीजन प्लांट सिविल अस्पताल आष्टा प्रांगण में निर्मित हो जाये इस भावना के साथ पूर्व सासंद वरिष्ठ विधायक श्री सज्जनसिंह जी वर्मा के निर्देश तथा नागरिको की बेहतर सुविधा शीघ्रतम उपलब्ध हो इस आशय से पूर्व नपाध्यक्ष कैलाश परमार ने म.प्र. उच्च न्यायालय जबलपुर में एक जनहित याचिका प्रस्तुत करने का निश्चय किया और इस हेतु संबंधित अधिकारीगण, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य भोपाल, संचालक स्वास्थ्य म.प्र. शासन भोपाल, कमीश्नर भोपाल, कलेक्टर सीहोर, जिला चिकित्सा अधिकारी सीहोर, बीएमओ आष्टा को पत्रो द्वारा दिनांक 11.06.2021 को सूचित किया तब जाकर दिनांक 16.06.2021 को जिला प्रशासन सीहोर की और से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीहोर पदेन अपर कलेक्टर सीहोर ने आनन फानन में सिविल अस्पताल आष्टा का औपचारिक निरीक्षण कर आक्सीजन प्लांट के स्थल आदि को दृष्टिगोचर किया और कुछ आंशिक सा कार्य लेआउट आदि कराया जो कि न के बराबर कार्य है जबकी पड़ौस के क्षेत्र खातेगांव में स्ट्रक्चर के साथ आक्सीजन जनरेट करने वाली मशीनो की भी स्थापना हो चुकी है।
याचिकाकर्ता श्री परमार ने पूर्व नपाध्यक्ष होने के नाते एवं आक्सीजन प्लांट हेतु निजी राशि प्रदत्त करने से उत्पन्न अधिकार एवं नगर एवं अंचल के प्रति स्वंय की जवाबदारी के नाते स्वप्रेरणा से आष्टा अंचल के नागरिकगणो की ओर से एक जनहित याचिका सुदृढ तथ्यो पर माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर को प्रस्तुत कर दी गई है जो कि इस संबंध में विचारणीय जनहित याचिका W.P. 8820/2021 में दिनांक 22.06.2021 को संलग्न हो चुकी है अब पूर्ण उम्मीद है कि माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर की सतत निगरानी से आक्सीजन प्लांट स्थापित होने का कार्य शीघ्र गति से प्रारंभ होकर आष्टा अस्पताल को मेडीकल आक्सीजन प्लांट की सुविधा तत्काल उपलब्ध हो सकेगी।


