मध्यप्रदेशशिक्षा

सी. एम. राइज, क्लोजर मर्जर, एक शाला एक परिसर या अन्य किसी भी नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के खिलाफ ब्लॉक छात्र कन्वेंशन सफल हुआ

आज शड़ोरा के एक निजी संस्थान में सी. एम. राइज, क्लोजर मर्जर, एक शाला एक परिसर या अन्य किसी भी नाम पर सरकारी स्कूलों को बंद किए जाने के खिलाफ ब्लॉक छात्र कन्वेंशन आयोजित किया गया। शुरुआत में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु के 91वे शहादत दिवस को मानते हुए पुष्पांजलि कार्यक्रम किया गया।
इसके बाद छात्रों के समक्ष एक प्रस्ताव पड़ा गया।जिस पर छात्रों ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर
छात्र संगठन AIDSO के अशोकनगर जिला अध्यक्ष श्याम शाक्य ने बताया की शिक्षा समाज की रीढ़ होती है, इसीलिए जरूरी होता है कि शिक्षा की पहुंच सर्व सुलभ हो। इसीलिए समाज के प्रगति पथ में शिक्षा की अतुल्य और निर्णायक भूमिका को समझाते हुए आजादी आंदोलन के दौरान से ही हमारे देश के तमाम महान मनीषी व क्रांतिकारियों ने जनवादी धर्मनिरपेक्ष व वैज्ञानिक शिक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है। वे चाहते थे शिक्षा सूरज की किरणों व बारिश की बूंदों की तरह होनी चाहिए। जो बिना किसी भेदभाव के सभी को समान रूप से उपलब्ध हो परंतु आजादी के इतने सालों बाद भी ऐसी शिक्षा व्यवस्था हमें देखने को नहीं मिलती है। आज भी वह सपना अधूरा सा लगता है। केंद्र सरकार हो या राज्य सरकारें शिक्षा व्यवस्था में तथाकथित सुधार के नाम पर नीति नए परिवर्तन ला रही है जो शिक्षा व्यवस्था में विकास की बजाय विनाश कर रही है और शिक्षा को आम जनता की पहुंच से दूर कर रही है। अभी हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार भी प्रदेश की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं को दूर करने व सुधार के नाम पर सीएम राइस नामक एक नई योजना लेकर आई है जिसे स्कूलों को बंद करके चंद स्कूलों को खोलकर स्कूली शिक्षा की कायाकल्प बदलने की बात कर रही है जोकि प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर चलाए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने 350 सी एम राइज स्कूल खोलने का मसौदा तैयार किया है। जिसके परिणाम स्वरूप प्रदेश के 1लाख 20हजार सरकारी स्कूलों में से एक लाख आठ हजार स्कूल को क्लोज मर्जर के नाम पर बंद कर दिया जाएगा। यह राइजिंग स्कूल 7 से 15 किलोमीटर के दायरे पर खोले जाएंगे इस बीच के सभी सरकारी स्कूलों को बंद या मर्ज किया जाएगा। ज्ञात हो कि 2016 में सरकार ने 90% सरकारी स्कूलों को बंद करने की योजना बनाई थी और इसे लागू करने की मंशा जाहिर की थी यह राइजिंग स्कूल इसी योजना का हिस्सा है। एक सीएम राइस स्कूल में 1000 सीट की ही लिमिट होगी यानी मात्र 1000 छात्रों को उसमें पढ़ने का अवसर मिलेगा।
आगे कार्यक्रम में बात रखते हुए जिला समिति सदस्य अनुराग सागर ने कहा कि बच्चों के ड्रॉपआउट को रोकने और शिक्षा की पहुंच सर्व सुलभ बनाने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 में प्रावधान किया गया था कि हर 1 किलोमीटर पर एक सरकारी स्कूल प्राइमरी स्तर पर खोला जाएगा और बच्चों की पहुंच के भीतर हो हर 3 किलोमीटर पर एक मिडिल स्कूल खोला जाएगा इसका तात्पर्य था यदि छात्र स्कूल तक नहीं पहुंच पाता है तो छात्रों तक स्कूल को पहुंचाया जाएगा ताकि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित ना रहे परंतु सीएम राइजिंग पॉलिसी मैं कहा जा रहा है कि 1 से 15 किलोमीटर की दूरी में मात्र एक ही स्कूल होगा बाकी स्कूलों को खत्म कर दिया जाएगा जो कि सरकार के विरोधभासी रवैया को दर्शाती है
सीएम राइजिंग स्कूल पॉलिसी जनता को कोरे सपने दिखाने के अलावा कुछ नहीं है। असल में सरकार शिक्षा के निजीकरण व्यापारी करण को बढ़ावा देना चाहती है जिस प्रकार आम जनता की गाढ़ी कमाई से बने रेल बी एस एन एल गेम भेल ओएनजीसी हॉस्पिटल आदि को व्यवस्थित रूप में संचालित ना कर पाने और भ्रष्टाचार का बहाना लेकर इन सभी सार्वजनिक संपत्तियों का निजीकरण कर पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है। इसी तरह सीएम राइजिंग स्कूल पॉलिसी के तहत वर्तमान में चल रहे लाखों सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया जाएगा। सीएम राइज स्कूलों को आम जनता की गाढ़ी कमाई से प्राप्त टैक्स के पैसों को लगाकर आधारभूत संरचना को खड़ा तो कर दिया जाएगा परंतु भविष्य में इन्हीं तमाम भवनों का सहारा लेकर नई शिक्षा नीति 2020 के तहत पीपीपी मॉडल पर स्कूल चलाने वाले प्रावधान को लागू कर इन स्कूलों को निजी हाथों में सौंप दिया जाएगा

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सरकार स्कूल कंपलेक्स बनाकर स्कूल बंद करने का प्रस्ताव दिया गया है। सीएम राइज शिक्षा व्यवस्था को उत्थान की तरफ नहीं बल्कि पतन की ओर ले जाएगी। इसीलिए आज तमाम छात्र वर्ग और विवेकशील व्यक्ति को समाज की शिक्षा रूपी रीढ को बचाने के लिए सशक्त आंदोलन खड़ा करना होगा यही आज वक्त की मांग है।

अशोकनगर से मनोज नंदा की रिपोर्ट

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