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इंदौर की गेर को यूनेस्को में शामिल करने की राह में अड़चन, केंद्र ने बताया – पहले राष्ट्रीय धरोहर में हो शामिल

इंदौर का प्रसिद्ध गेर उत्सव, जिसे हर साल लाखों लोग देखने आते हैं, फिलहाल यूनेस्को की विश्व धरोहर में शामिल नहीं किया जाएगा। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि गेर को पहले राष्ट्रीय धरोहर के रूप में मान्यता प्राप्त करनी होगी, इसके बाद ही यूनेस्को में नामांकित किया जा सकता है। हालांकि, इंदौर की गेर को यूनेस्को में शामिल करने के प्रयास पिछले कुछ वर्षों से लगातार चल रहे हैं, लेकिन इस प्रक्रिया में अभी कई बाधाएं हैं।

यूनेस्को में शामिल होने से क्या फायदे होंगे?

यूनेस्को द्वारा किसी आयोजन को विश्व धरोहर के रूप में मान्यता मिलने से न सिर्फ उस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है, बल्कि संबंधित क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होते हैं। अगर इंदौर की गेर को यूनेस्को में शामिल किया जाता है, तो न सिर्फ इंदौर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी पर्यटन बढ़ेगा। इसके अलावा, ऐसे आयोजनों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रायोजक और आयोजक भी आकर्षित होते हैं, जिससे गेर की भव्यता में वृद्धि हो सकती है।

केंद्र सरकार का कहना है:

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय की अपर सचिव मोनिका राय ने बताया कि इंदौर की गेर अभी तक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में चिन्हित नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि गेर को पहले राष्ट्रीय धरोहर की सूची में शामिल किया जाए, फिर इसे यूनेस्को में भेजने का कदम उठाया जाएगा। इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति द्वारा गेर की जांच की जाएगी और उसकी एलिजिबिलिटी का मूल्यांकन किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ही गेर का यूनेस्को में नामांकन हो सकता है।

सांसद शंकर लालवानी का दावा:

इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने बताया कि गेर को यूनेस्को में शामिल करने के लिए हर साल प्रस्ताव भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि पिछले साल, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र की न्यासी बोर्ड सदस्य डॉ. संध्या पुरेचा ने भी इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया था। हालांकि, डॉ. पुरेचा ने भी यही कहा कि सबसे पहले गेर को राष्ट्रीय धरोहर में शामिल करना आवश्यक है, और यह प्रक्रिया कमेटी द्वारा तय की जाएगी।

महापौर ने दिया सरकार को न्योता:

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि गेर को जल्द से जल्द यूनेस्को में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनकी पूरी कैबिनेट को गेर उत्सव में आने का न्योता भेजा है, ताकि प्रदेश के मंत्री इस रंगीन और सांस्कृतिक उत्सव का अनुभव कर सकें।

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