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पुष्पराजगढ़ – शारीरिक शोषण की असफलता पर प्राचार्य ने हाईस्कूल परीक्षा में छात्रा को कर दिया अनुपस्थित

प्राचार्य ने शिक्षा के मंदिर को बदनाम करने का काम किया है

प्रवीण चन्द्रवंशी की रिर्पोट

शारीरिक शोषण की असफलता पर प्राचार्य ने हाईस्कूल परीक्षा में छात्रा को कर दिया अनुपस्थित न्याय पाने छात्रा ने कलेक्टर, कमिश्नर को सौंपा पत्र

पुष्पराजगढ़। जिले के आदिवासी बाहुल्य पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में शिक्षा जगत का मामला प्रकाश में आया है जहां एक प्राचार्य ने शिक्षा के मंदिर को बदनाम करने का काम किया है बतौर मुखिया गुरु पदस्थ होने के बावजूद भी अपने पद की गरिमा को सरेआम तार-तार करने का प्रयास किया है,इनके द्धारा पुत्री शिष्या के साथ शारीरिक संबंध बनाने का अनैतिक कृत्य संबंधित विषय को जन्म दे डाला है। छात्रा द्धारा  शिकायत में बताया है कि प्राचार्य जब अपने इस दुष्कर्मी मानसिकता में सफलता ना पा सके तो छात्रा को हाईस्कूल परीक्षा में अनुपस्थित कर दिया जिससे छात्रा का अंकसूची ही रुक गई। यह पूरा मामला  जिले के पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ग्राम सरवाही जहां कक्षा दसवीं में अध्ययनरत छात्रा पूनम सिंह धुर्वे निवासी ग्राम सरवाही पोस्ट दामेहड़ी तहसील पुष्पराजगढ़ जिला अनूपपुर द्धारा  दिनांक 11 अगस्त 2021 को कलेक्टर जिला अनूपपुर के समक्ष अपने आवेदन पत्र में लिखित शिकायत करते हुए बताया है कि प्रार्थीया विद्यालय में नियमित रूप से अध्ययनरत रही है, नियमित रूप से विद्यालय जाकर अध्यापन कार्य कर रही थी, परंतु विद्यालय के प्राचार्य आरपी सिंह के द्धारा मेरे साथ लगातार शारीरिक शोषण करने व संबंध बनाने का प्रयास किया जाता रहा है मेरे द्धारा हमेशा विरोध किए जाने के कारण प्राचार्य के साथ वाद विवाद हो गया जिसकी जानकारी मेरे द्धारा अपने माता पिता को दी गई इस संबंध में मेरे पिता द्धारा समझाइश दी गई परंतु प्राचार्य द्धारा मन में बदला तथा हीन भावना रखते हुए कक्षा नौवीं की अंकसूची आज दिनांक तक नहीं दिया गया एवं दसवीं की मुख्य परीक्षा में मुझे अनुपस्थित कर दिया गया जबकि प्रार्थीया हाई स्कूल दसवीं की त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षा भी नियमित रूप से विद्यालय जाकर सम्मिलित हुई है। परंतु फिर भी द्वेष भावना के कारण प्राचार्य द्धारा अनुपस्थित कर दिया गया जिससे प्रार्थीया का भविष्य सुरक्षित ना होते हुए अंधकारमय की स्थिति में पहुंच गया है। अधिकारियों से न्याय की गुहार प्रार्थीया छात्रा पूनम सिंह धुर्वे ने कलेक्टर महोदय जिला अनूपपुर के नाम पर आवेदन पत्र तथा प्रतिलिपि पत्र आयुक्त संभाग शहडोल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर तथा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग जिला अनूपपुर को सौंप कर न्याय की गुहार लगाते हुए करबद्ध निवेदन किया है की मेरे भविष्य को दृष्टिगत रखते हुए कक्षा नौवीं की अंकसूची प्रदाय कराए जाने तथा कक्षा दसवीं की परीक्षा संबंधित जांच कर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए प्रार्थना की उपस्थिति दर्शा कर कक्षा 10वीं की अंकसूची दिलवाए जाने सहित दोषी प्राचार्य के ऊपर कानूनी कार्यवाही करने की दया हो।  प्राचार्य हैं आदिवासी संगठन के अध्यक्ष  सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दूषित मानसिकता का कृत्य करने वाले प्राचार्य आरपी सिंह जयस आदिवासी संगठन के अध्यक्ष बताए जा रहे हैं जिनके द्धारा आदिवासी छात्राओं के साथ ही इस तरह का असामाजिक घटना को अंजाम दिया जा रहा है जहां ऐसे अध्यक्ष और प्राचार्य हो वहां बेटियों की सुरक्षा क्या संभव है? ऐसे रक्षक बने भक्षको के विरुद्ध प्रशासन को तत्काल कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की आवश्यकता है! इनका कहना है
1.थाना राजेंद्र ग्राम में दोषी के विरुद्ध एफ आई आर दर्ज हो गई है। अभिषेक चौधरी एसडीएम पुष्पराजगढ़ 2.शिकायत प्राप्त हुई है इस हफ्ते जांच पूर्ण हो जाएगी कार्यवाही किया जाएगा।  सरोधन सिंह अपर कलेक्टर अनूपपुर 3. मामला पंजीबद्ध हो गई है जांच के दौरान कार्यवाही की जाएगी नारेन्द्रपाल थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम  4. इस मामले में दिनांक 23 अगस्त को राजेंद्रग्राम थाने में एफ आई आर दर्ज हो गई है, कार्यवाही अवश्य की जाएगी।   पी.एन. चतुर्वेदी (सहायक आयुक्त) आदिवासी विकास अनूपपुर

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