अशोकनगर-गुरू पूर्णिमा: दिन भर चला गुरू वंदना का दौर|
ओमप्रकाश रघुवंशी की रिपोटर

गुरू पूर्णिमा: दिन भर चला गुरू वंदना का दौर
अषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाया जाने वाला गुरू पूर्णिमा पर्व धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। सनातन धर्म में मान्यता है कि गुरू के बिना दान और ज्ञान अधूरा रहता है और लोग इस लिए जीवन में गुरू बनाकर उन्ही के मार्गदर्शन में चलते हैं।
शनिवार को गुरू पूर्णिमा पर्व के अवसर पर जगह-जगह लोगों ने गुरू पूजन किया। शिष्यों ने अपने-अपने गरुओं के आश्रम पर पहुंचकर उनका तिलक लगाकर पूजन किया और जीवन भर उनका मार्ग दर्शन मिलता रहे इसका आशीर्वाद लिया। सुबह से ही मंदिरों और आश्रमों में श्रद्धालुओं ने पहुंचना शुरु कर दिया था। जिससे इन धार्मिक स्थलों पर काफी चहल-पहल दिखाई दी। शहर के मोहरी स्थित श्री ब्रह्मगौण मंदिर, त्रिदेव मंदिर, अष्टभुजी माता मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, तारवाले बालाजी, नया बस स्टेण्ड शनि मंदिर सहित कई धार्मिक स्थलों पर शिष्यों का गुरूओं के यहां पहुंचने का सिलसिला दिन भर चलता रहा। इस दौरान गुरू आश्रमों पर भण्डारों का आयोजन किया गया। शिष्यों ने गुरुचरणों में नमन करके उनका आर्शीवाद लिया।


