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आम रास्ता रोकने से कई किसान हो रहे हैं परेशान
By Rohit Kumar Ojha
धार से आदित्यराज धाकड़ कि रिपोर्ट
आम रास्ता रोकने से कई किसान हो रहे हैं परेशान
माँ बेटे ने किसानो के खेतो पर जाने के रास्ते में बिछा दिए कांटे
धार: राहगीर तभी अपनी मंज़िल पर पहुंच पाता है जब उसके रास्ते में कांटे, भाटे और गड्डे न हो। और अगर ये सब कोई जानबूझकर उसकी राह में रोड़ा बनाता जाए तो फिर उसकी परेशानी काफी हद तक बढ़ जाती हैं। तथा वह अपनी मंजिल तक पहुंच नही पाता है।जी हां हम बात कर रहे हैं एक ऐसे ही मामले की जहा एक महिला और उसके पुत्र ने कुछ किसानो का लगभग दो किलोमीटर का आम रास्ता बंद कर दिया जिसके कारण वहा से गुजरने वाले किसानों को खेती करना मुश्किल हो गया है। हालांकि राजस्व विभाग ने अपनी तब्दीश में आम रास्ता पाया और मौके पर जाकर खुलवाया दिया था मगर महिला और उसके पुत्र द्वारा फिर से वही रास्ता बंद कर दिया है जिससे कई किसान परेशान हो रहे हैं।आपको बता दें कि धार जिले के सादलपुर थाना अंतर्गत ग्राम खैरोद में सीता बाई और उसके पुत्र महेश ने गत दिनों अपने खेत के समीप से होकर जाने वाले किसानों का रास्ता बंद कर दिया था जिसकी शिकायत किसानों द्वारा धार राजस्व विभाग में की गई थी। राजस्व विभाग ने मौका मुआयना कर नपती की गई जिसमें महिला द्वारा अतिक्रमण पाया गया था जिसको धार राजस्व विभाग ने पुलिस प्रशासन की मदद से हटाया गया। और किसानों को आश्वस्त किया था कि अब आपके खेत पर जाने के सरकारी रास्ते को कोई बन्द नही कर सकता है।लेकिन सीता बाई और उसके पुत्र महेश ने फिर से इस सरकारी रास्ते पर गड्डा खोदकर तथा कांटे लगाकर बन्द कर दिया है।इस परंपरागत रास्ते से गुजरने वाले किसानों का आरोप है कि सीता बाई ने प्रशासन के आदेश की अवहेलना करते हुए रास्ता बंद कर दिया है जिससे हमारी फसल बर्बाद हो रही है हम बोवनी नही कर पा रहे हैं।जब हमने इस पूरे मामले को लेकर सादलपुर टी आई विश्वदीप परिहार से बात की तो उन्होंने क्या कुछ कहा आप भी देखिए यह रिपोर्ट।जब हमारे संवाददाता ने धार तहसीलदार से फोन पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि सादलपुर थाना अंतर्गत ग्राम खैरोद में सीता बाई द्वारा कुछ किसानों का रास्ता बंद कर दिया था जो हमने दो बार खुलवा दिया था और अगर फिर से उसके द्वारा इस रास्ते को बंद कर दिया होगा तो तत्काल राजस्व विभाग किसानों का रास्ता खुलवायेगा।अब बड़ा सवाल है कि सीता बाई बार बार राजस्व विभाग के आदेश को न मानते हुए आखिर ऐसा क्यों कर रही हैं



