कोरोना गाइड लैन का पालन करते हुए मनाई हनुमान जयंती

अशोकनगर से ओमप्रकाश रघुवंशी की रिपोर्ट
– हनुमान जयंती पर मंदिरों में पहुंच कर भक्तों ने कोराना से मुक्ति दीलाने की दुआएं मांगी
– भक्तों ने तार बारे बालाजी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की
कलयुग में यदि कोई देवता सर्वाधिक मान्य है तो वह हैं श्रीराम भक्त हनुमान। जिनका स्मरण मात्र ही संकट और कष्टों से मुक्ति के लिए सबसे बड़ा रामबाण होता है। यह वरदान माता सीता और रामचंद्र जी ने स्वयं हनुमान जी को दिया था। मंगलवार को श्रीराम भक्त हनुमान का जन्मोत्सव पूरे जिले में धूमधाम से मनाया गया। हनुमान जी का जन्मदिन मंगलवार को कोवेट 19 के चलते इस बार श्रद्धालु छोटी-छोटी टोलियों मे बालाजी मंदिर दर्शन करने पहुंच रहे हैं यह मंदिर रोगों की आस्था का मुक्त केंद्र है यह धाम सेल के विदिशा रोड स्थित है यह मंदिर बालाजी सरकार के नाम से जाना जाता है मंदिर के पूजारी बता तेहै मंदिर का इतिहास बहुत ही पुराना है पुजारी के मुताबिक 200 वर्ष मंदिर के इतिहास का मात्र अंदाजा ही लगाया जा सकता है यहां श्रद्धालु दूर-दूर से दर्शन करने आते हैं जन्म उत्सव के अबसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बालाजी मंदिर पहुंचने लगी थी जो भी विधि विधान से पूजा अर्चना करता है उसे बालाजी सरकार का आशीर्वाद प्राप्त होता है इस बार भी भक्त उनके दरवार तक पहुंच कर कोरोना से मुक्ति दिलाने की दुआएं मांगी मंदिरों में पुजारियों ने ही श्रीराम भक्त हनुमान की विशेष पूजा की। भक्तों ने ही परिवार के साथ हनुमान के जयकारे लगाए। कोरोना वायरस के कारण जिले में जनता कफ्र्यू लगाया गया है। इस वजह से मंदिरों में भी हनुमान जयंती साधारण तरीके से मनाई गई। शहर के पानी की टंकी के पास स्थित प्रसिद्ध बालाजी मंदिर में मुख्य पुजारी पंडित ने हनुमान जयंती पर पूजा की। उन्होंने बताया कि कफ्र्यू के कारण इस साल हनुमान जयंती पर मंदिर में कोई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया। बताया कि सुबह हनुमानजी का श्रृंगार किया गया। इसके बाद आरती और फिर उन्होंने सुंदरकांड का पाठ किया। उधर, कोरोना वायरस की वजह से हनुमान भक्तों ने घर पर रहकर ही उनकी विशेष पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ किया। साथ ही उनके नाम के जयकारे लगाए।


