कोरोना पीड़ितों की मदद हेतु सामने आए सेवानिवृत्त वेकोली कर्मचारी एसडीएम को सौंपा गया रुपए 25000 का चेक गत वर्ष पौत्र के जन्म दिवस पर सोपी थी पेंशन राशि, आज जेष्ठ पुत्र के जन्म दिवस के अवसर पर सौंपा चेक

दिनांक 15/05/2021
लोकेशन-
जुन्नारदेव,जिला छिंदवाड़ा सवांददाता- ज्ञानेश्वर विश्वकर्मा
कोरोना के इस संक्रमण काल में जब लोग आर्थिक, शारीरिक और मानसिक यंत्रणाओं के दौर से गुजर रहे हैं, तब इन विपरीत परिस्थितियों में कन्हान क्षेत्र के एक सेवानिवृत्त कर्मचारी गोवर्धन पवार ने रुपए 25000 की आर्थिक मदद कोरोना पीड़ितों के लिए भेंट कर दी है। आज उन्होंने उक्त धनराशि का यह चेक स्थानीय एसडीएम मधुवन्तराव धुर्वे एवं एसडीओ (पी) एसके सिंह को अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) कार्यालय में पहुंचकर सौंपा।
इस अवसर पर वेकोली के सेवानिवृत्त कर्मचारी गोवर्धन पवार ने कहा कि उन्होंने यह धनराशि अपने 3 पुत्र दिनेश पवार, राकेश पवार तथा रूपेश पवार के आग्रह पर आज प्रदान की है। उनके इन पुत्रों का मानना है कि इन विपरीत परिस्थितियों में आज यह मानवता की उचित मिसाल होगी कि जब समाज का सामर्थ्यवान तबका स्वप्रेरित होकर कोरोना पीड़ितो की मदद के लिए सामने आए। उल्लेखनीय है कि गत वर्ष पेंशन राशि के समर्पण के दौरान उनके पौत्र हार्दिक पवार का जन्म दिवस था और आज भी रुपए 25000 की चेक प्रदान करने के दौरान उनके जेष्ठ पुत्र दिनेश पवार का जन्म दिवस है। इस दौरान सतपुड़ा प्रेस क्लब के संयोजक संजय जैन, अध्यक्ष तरुण बत्रा, सेवानिवृत वेकोली कर्मचारी दिलीप (छोटू कप्तान) जैन, समाजसेवी नितेश राजपूत, बंटी मिगलानी एवं पुलिस महकमे से एएसआई सुंदर सिंह गूजर, बंटी कंटाले एवं महेंद्र कुमार भी मौजूद रहे थे।
🌀गतवर्ष भी कोरोना पीड़ितों के लिए सौंप दी थी पूर्ण पेंशन राशि-
मानवीय दृष्टिकोण के लिए सदैव समर्पित वेकोली के सेवानिवृत्त कर्मचारी गोवर्धन पवार यहां की सर्वोत्कृष्ट श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के जिला उपाध्यक्ष के पद पर आरूढ़ हैं। इन्होंने गत वर्ष अप्रैल में भी कोरोना संक्रमण काल की प्रथम लहर में अपने पौत्र हार्दिक पवार के जन्म दिवस के अवसर पर अपने 1 माह की संपूर्ण पेंशन राशि तत्कालीन एसडीएम रोशन राय को समर्पित कर दी थी। इस मौके पर गोवर्धन पवार ने कहा है कि उनकी संस्था भारतीय मजदूर संघ के यही आदर्श हैं कि समाज के पीड़ित वर्ग की सेवा करना ही मानव का प्रथम व अंतिम कर्तव्य होता है। वह इसका निर्वाहन अपने जीवन काल में सदैव करते रहेंगे।


