खुरई में निकलती है भगवान भोले नाथ की मप्र की सबसे बड़ी बारात

खुरई में भगवान भोले नाथ की मप्र की सबसे बड़ी बारात निकलती है। इस बारात में नगर व ग्रामीण इलाकों के लगभग 50 हजार से अधिक श्रृद्धालू शामिल होते है। बारात को देखने भी हजारों की संख्या में दूर दराज से लोग आते है। दूल्हा बने भोले नाथ की छवि देखते ही बन रही थी। नगरीय प्रषासन मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने उतरी भगवान शिव की आरती।
खुरई में भगवान षिव की प्रदेष की सबसे बड़ी बारात निकलती है। इसे ही वास्तव में महाबारात कहा जाता है। लगभग डेढ़ किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी भगवान षिव की बारात में नगर व ग्रामीण इलाकांे के लगभग 50 हजार से अधिक श्रृद्धालू शामिल होते है। लगभग इतने ही श्रृद्धालू सड़कों पर दोनों ओर बारात देखने के लिये खड़े रहते हैं। बारात में श्रृद्धालू भूत पिषाच सहित तरह तरह के भेष में बारात की रौनक बढ़ाने
शामिल होते है। हजारों की संख्या में श्रृद्धालू बैंड व डीजे की धुनों पर थिरकते हुये बारात में चलते हैं। कोई भगवान भोले नाथ का रुप रखता है तो कोई किसी अन्य देवी देवताओं के रुप में शामिल होता है। महाबारात भूतेष्वर मंदिर से प्रारंभ होकर नगर के प्रमुख सड़कों से निकलती है। भगवान भोले नाथ को दूल्हा बनाकर बारात निकाली जाती है। भगवान भोले नाथ के दूल्हा रुप की छवि को देखकर हर कोई मोहित हो रहा था।
बारातियों का स्वागत सैकड़ो जगह किया जाता है। सभी समाज के लोग अपने अपने घरों व दुकानों के सामने स्वागत द्वारा लगाकर बारातियों की आवभगत करते है। कोई लड्डू बांटता है कोई दूध पिलाता कहीं कोई गरमा गरम खीर से बारात का स्वागत करता है तो किसी ने फल आदि का प्रसाद से स्वागत किया। बारातियों कोई भी भूखा नहीं लौटा क्योंकि इतनी जगह स्वागत किया गया कि प्रसाद का एक एक निवाला व खीर की कटोरियों ने सभी हजारों बारातियों का पेट भर दिया। नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी भोलेनाथ की बारात का स्वागत किया । खुरई में मुस्लिम समाज के लोगो ने भी स्वागत किया। भगवान भोलेनाथ की बारात की तैयारियां दो माह पहले से ही होने लगती है। एक माह पहले से ही नगर को सजाया जाने लगाता है। भोपाल से लेकर अन्य जगहों के बैंड व शहनाईयों को बारात में शामिल किया जाता है। लगभग 100 प्रकार की झांकियां बारात में शामिल होती हैं। इसके बाद भूतेश्वर मंदिर में भगवान भोले नाथ व माता पार्वती का व्याह हिंदु रीति रिवाज व मंत्रोच्चरण से संपन्न कराया गया ।


