खुरई में पदस्थ 4 महिला न्यायाधीषों के प्रयासोें से खुरई न्यायालय को दो आईएसओ अवार्ड मिले

खुरई जिला सागर
आज महिला दिवस है। खुरई में पदस्थ 4 महिला न्यायाधीषों के प्रयासोें से खुरई न्यायालय को दो आईएसओ अवार्ड मिले है। ऐसी उपलब्धी प्रदेष में किसी न्यायालय के पास नहीं है। खुरई न्यायालय में इनके प्रयास से परिसर सुन्द्रर हुआ वहीं न्यायालय का कार्य व्यवस्थित हो रहा है।
खुरई में पदस्थ 4 महिला न्यायधीशों ने वह करके दिखाया जोे कि प्रदेश में कहीं नहीं हो सका। खुरई में पदस्थ द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सुमन श्रीवास्तव,द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश आरती अतुल शुक्ला,न्यायाधीश निधि सक्सेना व न्यायाधीश सृष्टि भारती ने अपनी इच्छा शक्ति व दृढ़ संकल्प से खुरई न्यायालय परिसर को एक सौन्दर्य प्रदान किया अपितु आने वाले पक्षकारों को कष्ट दायक मामलों में सुकून देने वाला पर्यावरण व संसाधन उपलब्ध कराये है। इसी न्यायालय में जहां पहले गंदगी कीचड़
और जगह जगह अव्यवस्था वहां अब पूरा परिसर व्यवस्थित व सुन्दर इन चार न्याय की मूर्तियों के द्वारा संभव हो सका है। इन्हीं के प्रेरणा से एक अधिवक्ता ने पत्थर की न्याय की मूर्ति को स्थापित किया है। इस कारण से खुरई न्यायालय को पर्यावरण व रख रखाव के लिये दो आईएसओ अवार्ड मिले हैं। खुरई के मध्यस्थता केंद्र के द्वारा बड़ी संख्या में कराये जाने वाले समझौतों ने भी प्रदेश में रिकार्ड बनाया है। मध्यस्था केंद्र में पति पत्नि या दो पक्षों में समझौता कराने के लिये अलग से व्यवस्था है लेकिन वहां उस जगह का रख रखाव भी ऐसा किया गया है जिससे कि अपने आप दो विरोधी पक्ष सहमति पर राजी हो जाते हैं। जिससे अन्य जगहों की वजाये खुरई के मध्यस्थता केंद्र का परिणाम अच्छा है। सबसे बड़ी चुनौती इस कार्य में फंड की थी जिससे नया कुछ न खरीदकर कबाड़ में पड़ी पुरानी सामग्रियों को उपयोगी बनाकर कर इस न्यायालय परिसर को सुन्दर बनाया गया है। पेंडुलम वाच के खाली खोके को शिकायत पेटी का रुप दिया गया तो अन्य अनुपयोगी साम्रगी को कई प्रकार से सजावट या गमलों का रुप दिया गया। न्यायालय में वात्सल्य कक्ष भी बनाया गया जिसमें न्यायाधीशों ने भी अपने बच्चों के खिलौनों सहित अन्य सामग्री से कक्ष को सुन्दर बनाया। महिला पक्षकार अब एकांत में अपने बच्चों के साथ बैठ सकतीं है। न्यायालय में नकारात्मता ज्यादा रहती है जिससे कर्मचारियों में तनाव आदि रहता है इसके लिये तनाव कम करने के लिये एक लायब्रेरी बनाई है। आने वाले पक्षकार भी तनाव में होते है उनके लिये भी जगह जगह ऐसे स्लोगन लिखे है जिनसे उन्हें साहस व प्रेरणा मिलती है।


