गेहूँ खरीदी केन्द्र रायपुर कर्चलियान में काफी अनियमितता खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी अपनें दायित्व को छोड़कर कूलर पंखा लगाकर घर में कर रहे आराम,भगवान भरोसे हो रही है खरीदी

रीवा से निखिल पाठक की रिपोर्ट
गेहूँ खरीदी सर्वेयर को एफ.ए.क्यू. का अर्थ नहीं है मालुम तो कैसे करता होगा गुणवत्ता की पहचान ????पूरे मध्य प्रदेश के सहकारी समितियों में 1 अप्रैल से किसानों के गेहूँ खरीदी का कार्य चालू हो गया था किन्तु कोरोना महामारी के चलते सहकारी समिति के कुछ खरीदी केन्द्रों में सन्नाटा देखनें को मिल रहा है तो कहीं – कहीं खचाखच भीड़ भी देखनें को मिल रहा है।रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान जनपद पंचायत अन्तर्गत सहकारी समिति गेहूँ खरीदी केन्द्र रायपुर कर्चुलियान का हमारे संवाददाता निखिल पाठक द्वारा जायजा लिया गया तो आश्चर्यजनक स्थिति देखनें को मिली , खरीदी केन्द्र प्रभारी रोहित तिवारी अपनें कर्तब्यों के प्रति उदासीन और खरीदी केन्द्र से नदारद पाए गये तो हमारे संवाददाता निखिल पाठक नें खरीदी प्रभारी से दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क करके जानकारी लेना चाहा तो खरीदी प्रमारी महोदय रोहित तिवारी अपनें आपको ज्यादा स्मार्ट समझते हुए संवाददाता निखिल पाठक को गलत जानकारी देते हुए गुमराह किया , खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी और पत्रकार निखिल पाठक की दूरभाष पर हुई बातचीत खबर के साथ प्रस्तुत है।खरीदी केन्द्र प्रभारी रोहित तिवारी नें फोन से बताया कि मैं कम्पयूटर आपरेटर हूँ मैं घर में हूँ और खरीदी प्रभारी श्यामलाल हैं।लेकिन जब संवाददाता नें खरीदी केन्द्र के अन्य कर्मचारियों से बातचीत किया तो मामला चौंका देनें बाला मिला,खरीदी केन्द्र में मौजूद लोगों नें बताया कि खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी हैं कम्प्यूटर आपरेटर पूजा दुवे तथा श्यामलाल खरीदी सर्वेयर हैं।खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी नें पत्रकार को गलत जानकारी इसलिए दिया क्योंकि रोहित तिवारी द्वारा किसानों से नाप-तौल करवानें के एवज में प्रति बोरी गेहूँ 5 रूपये दलालों के माध्यम से लिया जाता हैं जो कि शासन की गाइड़ लाइन में बिल्कुल नहीं है साथ ही खरीदी केन्द्र में नियुक्त सर्वेयर श्यामलाल से संवाददाता नें एफ.ए.क्यू. का मतलव पूँछा तो सर्वेयर महोदय की बोलती बन्द हो गयी।यहाँ पर सबसे आश्चर्य और दुर्भाग्य की बात ये है कि खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी बदशाह बनकर घर में कूलर की हवा लेते आराम करते रहते हैं और यहाँ उनके प्रायवेट दलाल कर्मचारी किसानों का खून चूसनें में लगे हुए हैं और खरीदी प्रभारी को घर बैठे पैसे पहुँचाते रहते है।जब एक क्वालिटी पहचानकर्ता सर्वेयर को एफ.ए.क्यू. का अर्थ नहीं मालुम तो वो किसानों के गेहूँ की क्वालिटी की पहचान कैसे करता होगा ये एक बहुत ही गम्भीर और बिचारणीय प्रश्न है ???? क्या शासन-प्रशासन ऐसे भ्रष्ट और घूँसखोर खरीदी प्रभारी को बर्खास्त नहीं कर सकता जो अपनें दलालों के माध्यम से अन्नदाता किसानों का खून चूसकर अपनीं ड्यूटी करनें की बजाय घर में कूलर की ठण्ड़ी हवा लेता पड़ा रहता है एवं एक चपरासी और अनट्रेण्ड़ सर्वेयर के भरोसे किसानों की गेहूँ खरीदी करवा रहा है ,क्या यह लापरवाही कि श्रेणीं में नहीं आता या खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी अपनें उच्चाधिकारियों को मोटी कमीशन देता रहता है और कर्तब्य निर्वहन को छोड़कर कूलर की हवा खाते घर में मौज कर रहा है ????? खरीदी केन्द्र रायपुर कर्चुलियान में कम्पयूटर आपरेटर पूजा दुवे अपनें कर्तब्य के प्रति ईमानदारी से ड्यूटी पर तैनात थीं वहीं दूसरी तरफ अंधेर नगरी चौपट राजा बाली कहावत चरितार्थ हो रही थी।
अब देखना यह कहै कि खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी की इस घोर लापरवाही व कार्य के प्रति लापरवाही पर समिति प्रबन्धक या जिला खाद्य अधिकारी एम.एच.खान साहब मामले को कितनी़ गम्भीरता से लेते हैं और उक्त खरीदी प्रभारी पर क्या कार्कावाही करतें हैं ????? खरीदी प्रभारी रोहित तिवारी पर प्रशासनिक कार्यवाही होगी या कुछ ले-देकर मामले को दबाते हुए रफा-दफा कर दिया जाएगा ?????1 खरीदी केन्द्र रायपुर कर्चुलियान में किसानों की सुविधाओं के लिए आवश्यक ब्यवस्थाएँ जैसे पीनें का पानीं,धूप से बचनें व बैठनें के लिए छाँव की तथा सेनेटाइजर इत्यादि की ब्यवस्था बिल्कुल नहीं पाई गयी तथा सोशल डिस्टेंसिंग की तो खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही थी जबकि शासन-प्रशासन द्वारा समस्त सुविधाओं के लिए बजट आता है,आखिर वो बजट कहाँ गया जो ब्यवस्था के नाम पर प्रत्येक सहकारी समितियों में आता है ???????


