छिंदवाड़ा-जिले के पांढुर्णा कस्बे में मंगलवार को गोटमार मेले का आगाज हो गया है

तरुण मेहरा की रिपोर्ट
जिले के पांढुर्णा कस्बे में मंगलवार को गोटमार मेले का आगाज हो गया है।
छिंदवाड़ा -जाम नदी की किनारे देवी मंदिर में पूजा-पाठ के बाद मेले का आगाज हुआ, जिसके बाद नदी के बीच में झंडा गाड़ा गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। हालांकि पत्थरबाजी फिलहाल कुछ देर के लिए थम गई है। गौरतलब है कि बीते कई सालों से यहां मेले का आयोजन हो रहा है। आमने-सामने से पत्थरों की बौछार होती है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग घायल होते हैं। कई बार तो जान तक चली जाती है। प्रशासन की तमाम कवायदों के बाद भी ये खूनी खेल बदस्तूर जारी है। कोरोना संक्रमण के चलते धारा 144 क्षेत्र में लगाई गई हैसमस्या ये है कि स्थानीय पुलिस अधिकारी नए हैं। इन अधिकारियों को गोटमार मेले के आयोजन की ठीक से कोई जानकारी नहीं है। अमावस्या पोले के दूसरे दिन विश्व प्रसिद्ध गोटमार मेले का आयोजन किया जाता है। सुबह पांढुर्ना-सावरगांव स्थित जाम नदी के तट पर दो पक्षों के बीच एक -दूसरे पर पत्थर बरसने का गोटमार मेले का आयोजन हो रहा है । इस गोटमार मेले में पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं तो कई लोग दिव्यांगता भरा जीवन यापन कर रहे हैं। गोटमार मेले का स्वरूप बदलने मानव आयोग, उच्च न्यायालय के आदेश के परिपालन में जिला प्रशासन को सख्त निर्देश होते हैं, लेकिन विगत कई वर्षों के प्रयासों के बाद जिला प्रशासन आखिरकार गोटमार मेले का स्वरूप बदल पाने में नाकाम साबित रहा है।


