छिंदवाड़ा-शिक्षक दिवस के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू द्धारा किया गया शिक्षकों का सम्मान।

तरुण मेहरा की रिपोर्ट
शिक्षक दिवस के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू द्धारा किया गया शिक्षकों का सम्मान
छिन्दवाड़ा- भाजपा जिला अध्यक्ष विवेक बंटी साहू द्धारा डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर आयोजित 10 वां शिक्षक सम्मान समारोह पूजा लॉज छिन्दवाड़ा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डा. राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि के रूप में जिले के कलेक्टर सौरभ सुमन, विशिष्ट अतिथि पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल, संघ के विभाग प्रचारक कन्हैया, विभाग संचालक बीएल चोपड़े शामिल हुए।कार्यक्रम में पूरे जिले से शिक्षकों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का प्रारम्भ सरस्वती पूजन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। सरस्वती वंदना जिले के गायक अभिजीत करईवाल एवं सहयोगी द्धारा प्रस्तुत की गई।कार्यक्रम में विवेक बंटी साहू द्धारा आमंत्रित अतिथिओं का पुष्प गुच्छ से स्वागत किया गया एवं आमंत्रित षिक्षाविदों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में कोरोना काल में जिन शिक्षकों को जिले ने खो दिया उन्हें दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजली अर्पित की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष विवेक बंटी साहू ने कहा कि डॉ राधाकृष्णन जी ने जिस प्रकार अपने संपूर्ण जीवन राष्ट्र निर्माण को समर्पित कर दिए थे उसी प्रकार आज भी हर शिक्षक अपना संपूर्ण अपने शिष्यों को समर्पित कर देश सेवा कर रहे हैं। शिक्षक भविष्य के आधार स्तंभ हैं। शिक्षक देश के निर्माण में महती भूमिका का निर्वहन करते हैं। शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं। कन्हैया जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक ही देश के भविष्य का निर्माण करते हैं। शिक्षक बच्चों को शिक्षा देते हुए राष्ट्र की सेवा करते हैं। भारत के शिक्षकों ने कभी चाणक्य की तरह देश को जोड़ा तो कभी डॉ राधाकृष्णन की तरह राष्ट्र निर्माण का काम किया। सकारात्मक शिक्षा का परिणाम सहृदयता है। भजनलाल चोपड़े ने कहा कि कोरोना कॉल में भी शिक्षकों ने अपने दायित्व का निर्वाह पूरी जिम्मेदारी से किये हैं। बच्चे शिक्षक के बात का पूरी तरह से अनुसरण करते हैं। पुलिस अधीक्षक विवेक अग्रवाल ने कहा कि व्यवस्थाएं बदल रहीं हैं परिपाटी बदल रही है इसीलिए हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करना तथा नई तकनीकों को आत्मसात करना होगा। शिक्षा पा कर हम कहीं भी पहुंच जाए लेकिन इंसानियत का मौलिक गुण का विकास होना सबसे जरूरी है। कलेक्टर सौरभ सुमन ने अपने उद्बोधन में कहा कि मेरे लिए ये दिवस हमेशा से ही विशेष रहा है क्योंकि मेरे माता पिता दोनों ही शिक्षक थे। शिक्षक होना आज एक नौकरी के रूप में देखा जाने लगा है, लेकिन गुरु का स्थान हमेशा सर्वाेपरि रहा है। बच्चे का मार्गदर्शक शिक्षक ही होता है। वर्तमान समय में शिक्षकों की भूमिका वह अत्याधिक महत्वपूर्ण हो गई है। कार्यक्रम में अतिथि के रूप में भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नत्थन शाह कवरेती, पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष कन्हईराम रघुवंशी, रमेश पोफली, ठाकुर दौलत सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष कांता ठाकुर, पूर्व महापौर कांता सदारंग, राजू नरोटे, संजय पटेल, शैलेन्द्र रघुवंशी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद चौरागड़े, पीजी कॉलेज के प्राचार्य अमिताभ पांडे, अलकेश लाम्बा, संजय अग्रवाल, संजय पटेल, जित्तू राय, दिनेशकांन्त मालवीया, रोहित पोफली, अंकुर शुक्ला, दिनेश मालवी, अमरसिंह मरावी, राजकुमार बघेल, ओम चौरसिया, संतोष राय, अमरवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष नवीन जैन, विलास नरोटे, अजय औरंगाबादकर, हजारी साहू सहित बडी संख्या में जिले के शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक बंधू उपस्थित थे।


