जुन्नारदेव – पहली पायरी जुन्नारदेव विशाला में प्रकृति बिखेर रही अनूठी छटा विशाला के पहाड़ी क्षेत्र में पानी का झरना फूटा

ज्ञानेश्वर विश्वकर्मा की रिपोर्ट
पहली पायरी जुन्नारदेव विशाला में प्रकृति बिखेर रही अनूठी छटा विशाला के पहाड़ी क्षेत्र में पानी का झरना फूटा
जनपद पंचायत जुन्नारदेव सहित जिला पंचायत छिंदवाड़ा द्धारा निर्मल जल योजना के अंतर्गत कराया जा रहा था कार्य अब भी जुन्नारदेव विशाला की देवस्थली पहली पायरी हो रही उपेक्षा का शिकार जनप्रतिनिधि और राजनेता लगातार जुन्नारदेव विशाला क्षेत्र को पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाने में नाकाम जुन्नारदेव विधानसभा वासियों की वर्षो पुरानी मांग जुन्नारदेव विशाला में स्थापित हो भगवान शिव की 101 फीट ऊंची प्रतिमा विधानसभा वासियों की मांग को लगातार किया जा रहा अनसुना अपने क्षेत्र को बचाने जनता को ही उतरना होगा मैदान पर पहली पारी को बनाना होगा पर्यटन स्थल जुन्नारदेव – छिंदवाड़ा जिले की सबसे बड़ी आदिवासी विधानसभा जुन्नारदेव की सुप्रसिद्ध देवस्थली जुन्नारदेव विशाला में पर्यटन की अपार संभावनाओं के बाद भी स्थानीय जनप्रतिनिधि और राजनेताओं की सुस्ती इस क्षेत्र को लगातार गर्त में ढकेल रही है जुन्नारदेव विधानसभा में रोजगार के साधनों के अभाव के चलते लगातार ग्रामीण अंचल के लोग महानगरों की ओर पलायन के लिए मजबूर है ऐसे में नगर की समीपस्थ ग्राम पंचायत जुन्नारदेव विशाला की देवस्थली पहली पायरी में अपार पर्यटन की संभावनाओं के बाद भी इस क्षेत्र को पर्यटन का दर्जा ना दिलाया जाना जुन्नारदेव विधानसभा वासियों के साथ अन्याय ही है ऐसा प्रतीत हो रहा है ऐसा नहीं है कि इस क्षेत्र के संबंध में उच्चाधिकारियों को संज्ञान नहीं है कई बार यहां दौरे भी किए जा चुके हैं किंतु इसके बाद भी उक्त स्थल को पर्यटन का दर्जा ना दिलाया जाना क्षेत्र की उपेक्षा ही है कांग्रेस के सत्ता में काबिज होने के साथ ही सांसद नकुल नाथ के इस क्षेत्र में यदुवंशी समाज के कार्यक्रम में उपस्थिति के दौरान उन्हें भगवान शिव की 101 फीट ऊंची प्रतिमा जुन्नारदेव विशाला में स्थापित किए जाने हेतु ज्ञापन एवं काल्पनिक फोटो भी भेंट की गई थी किंतु यह सब ठंडे बस्ते में ही चला गया और एक बार फिर जुन्नारदेव विधानसभा वासी आश्वासन ही लेकर संतुष्ट हो गए निर्मल जल अभियान के तहत सफाई कार्य के दौरान झर झर बहता निकला झरना ग्राम पंचायत जुन्नारदेव विशाला में जिला पंचायत छिंदवाड़ा और जनपद पंचायत जुन्नारदेव द्धारा लगातार निर्मल जल धारा अभियान एवं प्राकृतिक स्थलों के सौंदर्यकरण का कार्य कराया जा रहा है इसी दौरान ग्राम सचिव महेश इवनाती, सहायक सचिव दीपक पवार सहित उपसरपंच बबला अग्रवाल एवं ग्रामीण मजदूरों द्धारा सफाई कार्य के दौरान जुन्नारदेव विशाला के ऊपरी क्षेत्र में झर झर बहती जलधारा के साथ झरना फूट पड़ा जहां पर इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए जनपद पंचायत जुन्नारदेव के अधिकारी सहित जुन्नारदेव नगर और आसपास के ग्रामों से भी लोग अविरल बहते इस झरने को देखने के लिए रोजाना पहुंच रहे हैं जुन्नारदेव विशाला पहली पायरी मंदिर को मिले पर्यटन का दर्जा जुन्नारदेव विधानसभा सहित समूचे जिले और प्रदेश की आस्था का केंद्र जुन्नारदेव विशाला का पहली पायरी शिव मंदिर लोगों के लिए विशेष आस्था का केंद्र बना हुआ है इसका मुख्य कारण यहां सैकड़ों बरसों से निरंतर बहती अविरल जलधारा के साथ-साथ प्राचीन प्राकृतिक शिव मंदिर और इसके आसपास का सौंदर्य लोगों को लगातार अपनी ओर आकर्षित करता है यहां प्रतिवर्ष लगने वाले महाशिवरात्रि मेले एवं नागद्वारी मेले के दौरान भी विदर्भ महाराष्ट्र सहित अन्य प्रदेशों से भी लोग बड़ी संख्या में पहली पायरी की अविरल जलधारा में स्नान कर भगवान शिव का पूजन अर्चन कर आगे का पड़ाव तय करते हैं इसलिए भी इस स्थान का विशेष महत्व है साथ ही इसके प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी इसे पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जाना चाहिए पर्यटन स्थल बनने से बढ़ेंगे रोजगार के साधन आदिवासी विधानसभा जुन्नारदेव में रोजगार के साधनों का अभाव लंबे समय से चला आ रहा है जिसके कारण पलायन के चलते अब यह क्षेत्र उजाड़ हो चला है यहां के राजनेता और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता क्षेत्र को लगातार गर्त की ओर ढकेल रही है ऐसे में यदि जुन्नारदेव विशाला पहली पायरी को पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जाता है तो निश्चित ही इस क्षेत्र में पर्यटको के आने के साथ-साथ क्षेत्र में रोजगार के साधनों में भी वृद्धि होगी और क्षेत्र में लोग अनेकों व्यापार व्यवसाय भी स्थापित कर सकेंगे जुन्नारदेव विधानसभा वासियों ने शासन प्रशासन सहित राजनेता और जनप्रतिनिधियों से इस क्षेत्र की खुशहाली और तरक्की के लिए जुन्नारदेव विशाला पहली पारी को शीघ्र पर्यटन स्थल का दर्जा दिलाए जाकर यहां पर भगवान शिव की 101 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित किए जाने की मांग की है इसके लिए नगर के कुछ जागरूक लोगों द्धारा नगर वासियों से चंदा एकत्रित कर इस कार्य को किए जाने की बात भी कही जा रही है अब देखना यह है कि क्या जुन्नारदेव विधानसभा वासियों की इस मांग को जुन्नारदेव की राजनीति के दिग्गज प्रमुखता से लेते हैं या फिर आप सी खिंचा तान कर यूं ही जुन्नारदेव विधानसभा वासियों को गुमराह कर अपनी रोटियां सेकते हैं


