जुन्नारदेव(छिंदवाड़ा)-तहसीलदार के आदेश के बाद भी दिव्यांग का नही बना राशन कार्ड❗
माचीघाटमाल पंचायत सचिव की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा दिव्यांग का परिवार।

ज्ञानेश्वर विश्वकर्मा की रिपोर्ट
तहसीलदार के आदेश के बाद भी दिव्यांग का नही बना राशन कार्ड❗
ग़रीबी रेखा सूची में नाम जुड़वाने 5 माह से भटक रहा दिव्यांग शिव भन्नारे।
माचीघाटमाल पंचायत सचिव की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा दिव्यांग का परिवार।
जुन्नारदेव- शासन प्रशासन चाहे लाख दावे करें की समाज में कोई भी व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित नहीं है पीड़ित शोषित वंचितों के लिए यथासंभव मदद का दावा भी शासन प्रशासन करता हैं परंतु धरातल पर शासन प्रशासन के दावे खोखले ही नजर आते हैं। कुछ ऐसा ही मामला विकासखंड की ग्राम पंचायत माचिघाटमाल में सामने आया है जहां पर दिव्यांग शिव भन्नारे पिता बंसीलाल पिछले 5 माह से बीपीएल सूची में अपना नाम जुड़वाने और राशन कार्ड बनवाने के लिए ग्राम पंचायत और जनपद कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर है आपको बताते चलें कि दिव्यांग शिव भन्नारे 80% विकलांग है ओर वे अपने पैरों पर ठीक तरह से खड़े भी नहीं हो पाते हैं परंतु उसके बाद भी परिवार के मुखिया होने ओर परिवार का पेट भरने के दायित्व के चलते अपनी विकलांग को आड़े नही आने दिया और गिरते पड़ते घिसटते सैकड़ों बार ग्राम पंचायत ओर जनपद पंचायत कार्यालय के चक्कर काट चुके है परंतु इस दिव्यांग की पीड़ा देखने ओर सुनने में लाचार सिस्टम को इस दिव्यांग की पीड़ा नही दिखी। स्थानीय तहसीलदार के द्वारा 24/02/2021 आदेश कर पंचायत सचिव को इस दिव्यांग ओर उस के परिवार का नाम बीपीएल सूची में जोड़ने और राशन कार्ड बनाने का आदेश दिया। परन्तु इसे सचिव की लापरवाह समझे या सचिव पर अधिकारियों के प्रभाव की कमी जो आज दिनाँक तक इस दिव्यांग का नाम बीपीएल सूची में नही जुड़ा जिस का खमियाजा दिव्यांग शिव और उस का पूरा परिवार उठा रहा है। इस समाचार पर सचिव लेखराम यदुवंशी से उनका पक्ष जानने के लिए जब उन से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने फोन नही उठाना, शायद उनका फोन भी हड़ताल पर चल रहा है।योजनाओं के लाभ से भी वंचित दिव्यांग शिव—– दिव्यांग शिव भन्नारे बचपन से ही दोनों पैरों से चलने में असमर्थ है लंबी जद्दोजहद के बाद शिव और उसके परिवार का बीपीएल सूची में नाम जुड़वाने का आदेश हुआ। परन्तु आज दिनाँक तक दिव्यांग शिव का नाम बीपीएल सूची में नही जुड़ा जिस के चलते दिव्यांग को विकलांग पेंशन,पीएम आवास ओर पेट भरने के लिए खाद्यान भी नही मिल रहा है।


