धर्ममध्यप्रदेश

समझदार वफादार ओर जबाबदार बनना जरूरी है – इंदौर में आचार्य विराग सागर

इंदौर के दलाल बाग में भव्य आयोजन, छाया उल्लास: गुरुवर की अगवानी में उमड़ा समाज

5 आचार्यो के सानिध्य में दो उपाध्यायों की होगी आचार्य पदवी

3000 जिन धर्मावलबियो की मौजूदगी में आगमोध्दारक नगरी में हुआ भव्य प्रवेश,मुख्य आयोजन का आगाज

हजारों मंगल कलश धारी महिलाओं ने की साधु-साध्वीयों की अगवानी

चांदी की पालकी में शांतिनाथ भगवान निकले, स्वर्ण रथ पर प्रभु के दर्शनों के लिए उमड़े श्रावक – श्राविका

इंदौर से सतीश शर्मा की रिपोर्ट

सच्चा शिष्य बनने वाला ही सच्चा गुरु बन सकता है। आज समझदार, वफादार और जवाबदारी होना सबसे ज्यादा जरूरी है। जिस तरह जवाबदारी से इंदौर स्वच्छता में नंबर वन बना है। उसी तरह शिक्षा संस्कार और धार्मिकता समाज में बढ़ाने की जिमेदारी गुरुओ की है।गुरु की जिम्मेदारी है स्वच्छ समाज बनाने की। वह कुछ ऐसा करें जिससे समाज में एकता समरसता पैदा हो ओर यह आचार्य की जिम्मेदारी है की वे ऐसे शिष्य तैयार करे जो हर ओर धर्म किं प्रभावना फैलाए। पद्मानंद आचार्य पद प्रदान महोत्सव समिति, श्री श्वेताम्बर तपागच्छ उपाश्रय ट्रस्ट रेसकोर्स रोड़ इन्दौर, श्री नवकार परिवार एवं समग्र जैन श्वेताम्बर श्रीसंघ एवं महोत्सव अध्यक्ष डॉक्टर प्रकाश बगानी, यशवंत जैन, प्रवीण गुरुजी, जयंत खाबिया, महेंद्र जैन (बडऩगर), कीर्ति डोशी ने बताया कि 36 दिवसीय आचार्य पद प्रधान महोत्सव के मुख्य आयोजन का आगाज आज आगमोध्दारक नगरी दलाल बाग में हुआ। लगभग 3000 श्रावक श्राविकाओं की मौजूदगी में भव्य प्रवेश यात्रा कालानी नगर से दलाल बाग पहुंची। चांदी की पालकी पर विराजे शांतिनाथ महाराज के जयकारे और स्वर्ण रथ पर सवार पंच प्रस्थान यात्रा जैसे ही कलानी नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए एयरपोर्ट रोड पर निकली पूरा क्षेत्र धर्म मय हो गया। चारों ओर जिन शासन के जयकारे गूंज उठे। जहा गुरुवर के जयकारों के साथ हजारों समाज जन पचरंगी झंडा लेकर चल रहे थे वहीं सर पर कलश उठाए महिलाएं मंगल गान के साथ साधु साध्वियों की अगवानी कर रही थी। उद्घाटन सत्र में मनीष सुराणा ,वीपिन सोनी, विनीत मेहता, शरद शाह, अरविंद डोशी, पुण्यपाल सुराणा और कमलेश कोठारी सहित हजारों की संख्या में समग्र श्वेताम्बर समाज बंधु मौजूद थे।

पांच रंग के अक्षतो से सजा सिद्ध चक्र मंडल

सिद्ध चक्र मंडल विधान के लिए परिसर में 30हजार स्क्वायर फीट का जिनालय तैयार किया गया है। आज दोपहर के सत्र में पंच पद, 10 यक्ष, 10भवनपति, 32 यक्षिणी ,16 देवियों की स्थापना कर आवाहन किया गया। पूजा पाठ कर फल नैवेद्य धूप और अष्ट द्रव्य से स्थापना पूजन किया गया। मुख्य लाभार्थी विमल, कमल ,मंगलेश ,आयुष, अरहम चौरडिया परिवार सहित चाणोंदिया, नहर ,बाफना, सालेचा, कोठारी ,पालरेचा परिवार रहे। महेश जी शाह विपिन सोनी मनीष सुराणा ने बताया कि अरिहंत सिद्ध आचार्य उपाध्याय व सर्व साधु भगवान की लाल ,सफेद, पीला ,मूंगिया और गहरे नीले रंग से मंडल की रचना की गई है। शाम के सत्र में आमंत्रित मेहमानों के लिए साधार्मिक भक्ति का आयोजन किया गया। रात 8 बजे से मुंबई के कलाकारों द्वारा चंपा श्राविका नाट्य की प्रस्तुति बखूबी दी गई। एक ऐसी तपस्विनी जिसने धर्म के मार्ग पर चलते हुए हजारों वेदनाएं सही लेकिन धर्म नहीं छोड़ा अपने प्रण से समृद्धि और संपन्नता को हासिल किया की प्रस्तुति मुंबई के कलाकारों द्वारा बखूबी प्रस्तुत कि गई। इस आयोजन के लाभार्थी पारस भाई शांतिलाल भंडारी रतलाम, हिना बहन विकास भाई शाह बालासिनोर, संकेत अनिल जैन किराना इंदौर व कोमल बहन भावेश भाई शाह बहरीन , लाभचंदजी-सिरेकुंवर, महेंद्र सुमन, सुरेंद्र- अचला, आशिता, शैली- अंशुल, छवि, सुहानी, अदिति सुराणा परिवार, इन्दौर (पुष्प ब्रांड) थे।

सुबह 9 बजे 3600 समूह सामायिक मंत्र का जाप

6 फरवरी सुबह 9:00 बजे से 3600 समूह महामंत्र णमो आयरियाणं का जाप एक साथ करेंगे। श्री गौतम समर्पण पर्व “सूरी पद सवेदन “होगा। दोपहर के सत्र में 1500 महिलाएं चौबीसी का महागान करेंगी। एक शाम सिद्धांचल के नाम कार्यक्रम रात्रि में आयोजित होगा ।जिसमें इंदौर शहर के समस्त पाठशालाओं के बच्चे शामिल होंगे। पालीताणा ,नवाणु यात्रा, गिरी पूजन कर चुके बच्चों का यहां बहुमन किया जाएगा ।धार्मिक प्रोजेक्ट बनाकर लाने वाले बच्चों को प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार के साथ प्रोत्साहन पुरस्कार भी दिए जाएंगे। 7 फरवरी शुक्रवार को भव्यती भव्य पद प्रधान महोत्सव का शुभारंभ सुबह 8:30 बजे से दलाल बाग में किया जाएगा। जिस घड़ी का जैन समाज को बेसब्री से इंतजार हैउसे आचार्य बंधु बेल्डी शत्ताधिक शिष्य शिल्पी अयोध्या पुरम सुमेरू नवकार तीर्थ प्रेरक आचार्य भगवंत श्री जिन हेमचंद्र सागर सूरी जी महाराज, आचार्य श्री विराट चंद्र सागर जी महाराज, आचार्य प्रसन्न चंद्र सागर जी महाराज व शहर पहुंचे लगभग 150 साधु साध्वियों की मौजूदगी में उपाध्याय पदम् चंद्र सागर महाराज व उपाध्यक्ष आनंद चंद्र सागर महाराज को आचार्य पदवी प्रदान करेंगे।

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