रतलाम। आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इंदौर के सीएचएल अपोलो अस्पताल ने वसूले 2 लाख 60 हजार रुपए, आर्थिक मदद के लिए पत्नी लगा रही शासकीय कार्यालयों के चक्कर।

पवन सोलंकी की रिपोर्ट
एक श्रमिक घर पर हुई दुर्घटना में घायल होने के बाद पहले तो शासकीय अस्पतालों में इलाज के लिए परेशान होता रहा। वहीं बाद में आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद इंदौर के सीएचएल अपोलो अस्पताल ने परिजनों से 2 लाख 60 रुपए रुपए वसूल लिए। कर्ज और आर्थिक तंगी से परेशान श्रमिक की पत्नी अब आर्थिक मदद के लिए शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही है।रतलाम के डीजल शेड रोड निवासी दीपक बोरासी 27 मई को अपने घर पर काम करते समय ग्राइंडर से चोट लगने पर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए जहां से उन्हें एमवाई इंदौर रेफर कर दिया गया। लेकिन लेकिन उपचार में हो रही देरी और हालत बिगड़ते देख परिजन दीपक को सीएचएल अपोलो अस्पताल लेकर गए। जहां दीपक के दाएं हाथ की नसों का ऑपरेशन किया गया। दीपक का आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड बना हुआ था। लेकिन सीएचएल अपोलो अस्पताल प्रबंधन ने कार्ड स्वीकार नहीं करते हुए परिजनों से 2 लाख 67 हजार रुपए जमा करवा लिए।दीपक की पत्नी प्रियंका बोरासी कर्ज लेकर अपने पति के इलाज में जुटी हुई है। लेकिन आर्थिक तंगी में बीमार पति का इलाज और अपने दो छोटे बच्चों का पेट पालना प्रियंका के लिए मुश्किल होता जा रहा है। आर्थिक मदद और आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलवाने का आवेदन लेकर वह पिछले 8 दिनों से शासकीय कार्यालयों के चक्कर लगा रही है। जहां जिला अस्पताल से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक प्रियंका बोरासी को मदद नहीं मिल सकी।


