विदिशा को मिले 169 रेमेडीसिवर इंजेक्शन पहुंचे सीधे प्राइवेट मेडिकल स्टोर सिकरवार फार्मा,ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का क्षेत्र भी अछूता नहीं कालाबाजारी से

संवाददाता : नितीश श्रीवास्तव
विदिशा । विगत लगभग 4 दिन पूर्व विदिशा जिले के लिए आये 169 रेमडेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है दरअसल विदिशा जिला अस्पताल को शासन द्वारा 169 रेमडेसीविर इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए थे लेकिन ड्रग इंस्पेक्टर संजीव जादौन ने सभी 169 रेमडेसीविर इंजेक्शन एक प्राइवेट मेडिकल स्टोर सिकरवार फार्मा को दे दिए,
मामले की जानकारी लगने पर कलेक्टर डॉ पंकज जैन ने जां
च के आदेश दे दिए, जिसमें पाया गया कि ड्रग इंस्पेक्टर ने बिना किसी को जानकारी में लाए 169 रेमडेसीविर इंजेक्शन सिकरवार फार्मा को दे दिए,
वहीं संयुक्त कलेक्टर ने मामले से जुड़ी जांच की रिपोर्ट संभाग आयुक्त को सौंप दी है, फिलहाल ड्रग इंस्पेक्टर से पूछताछ की जा रही है।आपको बता दें कि इस कोरोना महामारी के दौरान जिले के ड्रग इंस्पेक्टर की भूमिका संदिग्ध है तो वहीं ड्रग इंस्पेक्टर की मिलीभगत से कई मेडिकल स्टोर संचालक जीवन रक्षक दवाइयों और इक्युपमेंट की कालाबाजारी करने में जुटे हैं।यह कालाबाजारी सरकार के ही अधीनस्थ बड़े पद पर बैठे कुछ अधिकारियों की सांठगांठ से हो रही हैं, जिससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। जिसके चलते जिले भर में मेडिकल माफिया हावी है, वहीं इस मामले में हमारे संवाददाता ने कलेक्टर से जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने जांच का हवाला देकर जानकारी देने से इनकार कर दिया।


