उत्तरप्रदेश

शहर के गोदावरी स्टेट कॉलोनी स्थित खुला आश्रय स्थल में मासूम बच्चे से बातचीत करते जिलाधिकारी पुलकित खरे*

पीलीभीत से अखलेश कुमार शर्मा की रिपोर्ट

पीलीभीत में सरकारी अनुदान पर चल रहे एक एनजीओ पर डीएम ने छापा मारकर खुद ही पोल खोल दी। एनजीओ में खुला आश्रय गृह चलता है जिसमें अनाथ व जरूरत मन्द को रखा जाता है उनके खाने-पीने और किताबों से लेकर सारा कुछ खर्च सरकार वहन करती है लेकिन एनजीओ संचालिका कुछ भी मौके पर नहीं दिखा पाई। सरकार के पैसे से जो बिल्डिंग किराए पर ले रखी है उसमें संचालिका भी खुद परिवार सहित रह रही थी।जिसके बाद डीएम ने कार्रवाई के लिए शासन को लिखा है।
वी/ओ 01 जिलाधिकारी ने पीलीभीत शहर की गोदावरी कॉलोनी में संचालित किए जा रहे मां काली सेवा संस्थान के बैनर तले चलाए जा रहे खुला आश्रय गृह के परिसर मे छापा मारा। छापे के दौरान डीएम ने संस्था के संचालकों से अभिलेखीय रिकॉर्ड तलब किया संस्था को मिल रहे सरकारी अनुदान के तहत आय- व्यय के वित्तीय अभिलेख अधूरे मिले। जिस पर डीएम पुलकित खरे ने तत्काल अभिलेखों को जप्त करने का निर्देश दिया। डीएम ने संस्था के द्वारा बच्चो को दी जा रही सुविधाओं की जमीनी सच्चाई जानने के लिए संस्था में मौजूद एक बच्चे को अलग ले जाकर 10 मिनट बातचीत की। डीएम ने संस्था संचालकों से और भी सवाल- जवाब किए जिसका संचालकगण संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए जिस पर डीएम ने संचालकों को लताड़ लगाते हुए उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए शासन में संस्तुति भेजने की बात कही। कुल मिलाकर डीएम की इस छापामार कार्यवाही में सरकारी अनुदान को ठिकाने लगाने की बात सामने आईं है डीएम की इस कार्रवाई से शहर मे संचालित अन्य संस्था संचालकों में हड़कंप मच गया /

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