मध्यप्रदेश

शाढ़ौरा।जमीनी स्तर तक नहीं पहुंच पा रहा किल कोरोना अभियान

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की भेंट चढ़ा शासन का महत्वपूर्ण किल कोरोना अभियान

शाढ़ौरा से देवेश ओझा की रिपोर्ट

किल कोरोना अभियान के अंतर्गत शासन तो बड़ी मेहनत कर रही है। पर जमीनी स्तर पर इस अभियान की धज्जियां उड़ाई जा रही है और किटो का वितरण नही हो पा रहा है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत आने वाले लगभग समस्त ग्रामों में किल कोरोना अभियान के लिए एक समिति का निर्माण हर ग्रामीण स्तर पर किया गया है जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सहायक सेक्रेटरी, सेक्रेटरी, इस टीम में है जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर किल कोरोना अभियान के तहत सर्वे करके ऐसे व्यक्तियों को चिन्हित करेंगे जिनको सर्दी, जुखाम, खांसी या बुखार जैसे लक्षण नजर आयेंगे। उनकी जानकारी लेकर उन्हें किल कोरोना अभियान के तहत एक किट वितरण किया जाना सुनिशित किया गया है।
इस किट में 5 दिन की दवाइयों का डोज रहता हैं इस किट को ऐसे सभी व्यक्तियों को वितरण कर देना हैं जिन व्यक्तियों में ऐसे लक्षण नजर आ रहे है। साथ ही ऐसे व्यक्ति जो स्वयं कोरोना के लक्षण बता रहे हो लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाढ़ौरा द्वारा इन टीमों के माध्यम से सर्वे तो कराया जा रहा हैं। लेकिन इन टीमों को किल कोरोना अभियान के तहत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से किटें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं बाकी अशोकनगर जिले में सभी तहसीलों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बनाई गई ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वे टीमो को किटें मुहैया कराई जा रहीं हैं वहीं शाढ़ौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह किटें इन सर्वे दलों को नहीं दी जा रही हैं। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में इन दबाओ का वितरण मरीजो को नही हो पा रहा है।
उन सभी दलों की टीमों से शाढ़ौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारियों द्वारा कहा जा रहा हैं की आप ऐसे लोगों को जिनको सर्दी, जुखाम,खांसी या बुखार हैं उन लोगों को चिन्हित कर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आकर कोरोना की जांच कराने के लिए प्रोत्साहित करें तभी कोरोना किट उन्हें उपलब्ध कराई जायेगी।
शासन के नियमों को ताकपर रख कर सब अपने मन से हो रहा हैं
वही देखें तो शासन द्वारा यह निर्देश भी जारी किया गया हैं कि किल कोरोना अभियान के तहत इन टीमों द्वारा हर ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लोगों को सर्दी, जुखाम, बुखार या खांसी जैसे समटिम्स नजर आ रहे हैं या उन लोगों द्वारा बताए जा रहे हैं तो ऐसे लोगों को इस टीम द्वारा उनके घर पर ही की दवाइयों की किट जो 5 दिन कि रहेगी इसे वितरण करना हैं लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शाढ़ौरा के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे तो हो रहा हैं लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिकारी इन टीमों को किटें वितरण के लिए क्यों नहीं दे रहें हैं यह भगवान जानें।
वही सोचने वाला विषय यह भी हैं कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा सेवा कार्य के या बडे नेता के आने पर फ़ोटो खिंचाने का ध्यान रहता हैं लेकिन कोरोना काल की भीषण आपदा के समय में कहां गायब हो गए यह जनप्रतिनिधि जो इतनी महत्वपूर्ण शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर इन नेताओं का ध्यान तक नही जा रहा है।

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