सरसी। अन्नदाताओं पर छाया फिर आर्थिक संकट। बोवनी की तैयारी में जुटे किसान बीज महंगा होने से परेशान।

पवन धाकड की रिपोर्ट
आपको बता दे की क्षेत्र में इस समय किसान खेती की तैयारी में जुट गए हैं! कई किसान अपने खेतों की सफाई के कार्य मैं लगे हैं। जिन किसानों द्वारा अपनी खेती को पूरी तरह साफ कर लिया गया है अब वे मानसून के आने का इंतजार कर रहे हैं ! खरीद की पैदावार में इजाफा हो सके इसीलिए धरती पुत्र खेतों की हवाई जुताई के साथ-साथ खेतों की मेड़ बांधने व बारिश जल संचयन में व्यस्त हो गए ! नगर व क्षेत्र में मानसून कभी भी दस्तक दे सकता है। सरसी के किसानों द्वारा बताया गया कि मानसून में खेत का पानी खेत में रोकने के लिए ऊंची मेड बांधना जरूरी हो गया है। फसल को पकने तक पर्याप्त पानी चाहिए व अच्छे उत्पादन के लिए खेतों की बारिश से पूर्व जुताई एवं प्राकृतिक खाद डालना आवश्यक है ! तो वही खेतों में खाद डालने से फसल की अच्छी पैदावार होती है साथ ही ग्रीष्म ऋतु में मिट्टी गर्म होती है जिससे उसमें छुपे हानिकारक कीट व जीवाणु भी नष्ट हो जाते हैं।
बीज के भाव के कारण किसान है परेशान…
इस बार तो सोयाबीन बीज के भाव ने भी किसानों के होश उड़ा दिये वहीं कई किसानों का मानना है कि बीते वर्ष सोयाबीन का उत्पादन कम होने से उनके सामने बीज की परेशानी खड़ी हो गई लगभग – 8 – हजार रुपए प्रति कुंटल खर्चा करना पड़ेगा जो किसानों के लिए इस समय सबसे बड़ा नुकसान है।


