मध्यप्रदेश

सहरिया आदिवासी परिवारों को घर से बेघर करने की प्रशासन की कवायद जगह खाली करने के लिए तहसील कार्यालय से धमकाया जा रहा है।

विदिशा से नितीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट

एसडीएम को आवेदन देते वक्त बुजुर्ग आदिवासी को आये चक्कर

विदिशा जिले की गंजबासौदा जनपद के ग्राम पंचायत कंजना में लगभग 40 वर्षों से निवास कर रहे लगभग आधा दर्जन से अधिक आदिवासी परिवारों को कारण बताओ नोटिस देकर घर से बेघर करने का कार्य प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।

ग्राम पंचायत कंजना के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र कंजना पठार पर अपनी झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं और मजदूरी कर अपना जीवन यापन करने वाले गरीब मजदूर अदिवासियो को संविधान द्वारा प्रदत्त आदिवासी अधिनियम को दरकिनार कर उन्हें डरा धमका कर हटाया जा रहा हैं। विगत दिनों उन्हें स्थानीय तहसील कार्यालय से नोटिस दिया गया है नोटिस में औद्योगिक क्षेत्र की भूमि पर अतिक्रमण का हवाला देकर उन्हें स्थान खाली करने को कहा गया है, इस संबंध में आदिवासी परिवारों ने बताया कि हम यहां पर उस समय से निवास कर रहे हैं जब यहां पर जंगल हुआ करता था औद्योगिक क्षेत्र तो अभी बना है और एक आदिवासी परिवार को शासन द्वारा कुटीर भी प्रदान की गई है, इसके बावजूद भी हमें यहां से हटाया जाने के लिए प्रशासन द्वारा निरंतर दबाव बनाया जा रहा है, रोज सुबह शाम और कभी-कभी तो रात को कुछ लोग यहां पर आते हैं जोकि और धमकाते हैं कि यह जगह खाली करो नहीं तो हम कल सुबह जेसीबी चलवा देंगे, वही फरियादी गण आज एसडीएम कार्यालय पहुंचे और एक ज्ञापन दिया इस दौरान आदिवासी परिवारों के बुजुर्ग राजाराम की तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर जमीन पर गिर पड़े तब एसडीएम ने उन्हें अपने वाहन से शासकीय राजीव गांधी जन चिकित्सालय इलाज हेतु भेजा
एसडीएम का कहना है कि कंजना पठार पर औद्योगिक क्षेत्र निर्मित है और यह लोग वहां पर कब्जा करके रह रहे हैं इनका अलग से मकान भी है जहां पर सारी सुविधाएं भी हैं इनकी मांग पर जनपद सीईओ को कुटीर प्रदान करने के लिए एसडीएम कार्यालय से ज्ञापन भेज दिया गया है।

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