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अचानक हुई बारिश से खारीदी केंद्रों पर भीगा हजारों क्विंटल गेहूं भीगे गेहूं की लोडिंग कर वेयर हाउस में रखवाया खराब होने का खतरा
By Rohit Kumar Ojha
अशोकनगर से ओमप्रकाश रघुवंशी की रिपोर्ट
अचानक हुई बारिश से खारीदी केंद्रों पर भीगा हजारों क्विंटल गेहूं
भीगे गेहूं की लोडिंग कर वेयर हाउस में रखवाया खराब होने का खतरा
तपिश भरे मौसम के बीच पिछले चार दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की मेहनत से तैयार गेहूं को भीगाकर खराब होने का खतरा पैदा कर दिया। दरअसल, जिले की हर जनपद में सरकारी खरीदी केंद्रों में हजारों क्विंटल गेहूं खरीदने के बाद रखा है। कुछ स्थानों पर गेहूं को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है तो तमाम क्रय केंद्र में गेहूं खरीदकर खुले में ही बोरियों में छोड़ा गया है। बीते चार दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से खारीदी केंद्रों पर खुले में रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया। बोरियों में रखे गेहूं को नियमानुसार पालिथिन के तीरपाल से ढका जाना चाहिए, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में इन बोरियों में बारिश का पानी पसीज गया है इस वजह से गेहूं खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कुछ खारीदी केंद्र में बारिश होने के बाद आनन-फानन तीरपाल मंगाकर गेहूं की बोरियों को ढका गया है। वहीं दूसरी ओर सिब्बल कॉर्पोरेशन द्वारा बारिश में भीगे गेहूं को कोलुआ रोड़ स्थिति सरकारी वेयर हाउस में रखवाया जा रहा है। भींगने से खराब हुए गेहूं को भंडारित अनाज में मिलाया जा रहा है। मंगलवार को यह गीला गेहूं कुड़ीघाट स्थित वेयर हाउस में रखा जा रहा था। इस बारे में जब वहा उपस्थित कर्मचारी से बात की तो उन्होंने बताया की डीएम के कहने पर गेहूं रखा जा रहा है। गेहूं में 13 से 14 प्रतीसत मोस्चर है। अच्छे गेहूं में मिलाया गया खराब गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन दुकानों के जरिए खपाया जाएगा। न केवल कोलुआ रोड स्थित वेयर हाउस मे जो महोली खारीदी केंद्र से चार सौ बोरी गेहूं सरकारी गोदाम पर भी गीले गेहूं का भण्डारण कर दिया गया है।




