भिण्ड – फ्री-फायर गेम की आईडी खरीदने स्कूली छात्र ने रचा ऐसे षड्यंत्र की जानकर चौंक जाएंगे आप

पवन शर्मा
फ्री-फायर गेम की आईडी खरीदने स्कूली छात्र ने रचा ऐसे षड्यंत्र की जानकर चौंक जाएंगे आप
दुनिया में ऑनलाइन गेमिंग का ट्रेंड बहुत ही तेज़ी से बढ़ रहा है कुछ सालों पहले ब्लू व्हेल नाम के एक चैलेंज गेम ने तो न जाने कितने लोगों की जान ले ली थी इसके बाद आए पोकेमोन गेम की वजह से कई लोगों को हादसों का शिकार होना पड़ा कई अपनी जानें गंवा बैठे इस बढ़ते हुए ऑनलाइन गेमिंग की वजह से हर रोज़ हज़ारों लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार भी हो रहे हैं जिनमें सबसे ज़्यादा ठगी के मामले ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म फ़्री फ़ायर के ज़रिए की जाती है और इसका शिकार सबसे ज़्यादा बच्चे और युवा होते हैं लेकिन यही गेम अब लोगों को अपराध की दुनिया में भी क़दम रखने को प्रोत्साहित कर रहे हैं ताज़ा मामला भिंड ज़िले में सामने आया है यहाँ फ़्री फ़ायर गेम की आइडी लेने के लिए स्कूली छात्र द्धारा फिरौती की माँग करते हुए जान से मारने की धमकी तक दी गई. मामले का खुलासा उस वक़्त हुआ जब दबोह का रहने वाला एक परिवार थाने पहुँचा और अज्ञात व्यक्ति के ख़िलाफ़ एफआइआर दर्ज कराई. दरअसल दबोह के वार्ड 11 निवासी रामेश्वर दयाल के घर रविवार को किसी अज्ञात व्यक्ति ने पत्थर मैं लपेट करें क्योंकि फेंकी थी जिसमें एक मोबाइल नंबर लिखा हुआ था साथ ही लिखा गया था कि इस नंबर पर तुरंत कॉल करें नहीं तो अपने परिजनों से किसी को खो देंगे तो इस तरह की धमकी मिलने के बाद पीड़ित परिवार के लोगों ने कई बार और मोबाइल फ़ोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन कोई जवाब नहीं आया पीड़ित परिवार ने बताया कि क़रीब रात नौ बजे उनके मोबाइल पर इसी तरह के धमकी भरे मैसेज आएबात यहीं नहीं रुकी सोमवार को एक अज्ञात शख़्स ने फ़ोन कर पीड़ित परिवार को फिरौती के लिए धमकी दी जिसमें उनसे कहा गया कि 12 बजे तक अगर आठ लाख रुपया खाते में नहीं डालें तो 12 बजे तक परिवार के किसी एक शख़्स की हत्या कर दी जाएगी सीधे तौर पर इस तरह की धमकी मिलने के बाद परिवार दहशत में था रामेश्वर दयाल सीधा पुलिस थाने पहुँचे और शिकायती आवेदन देकर पुलिस से मदद माँगी. जिस पर दबोह थाना प्रभारी द्धारा तुरंत मामले की जानकारी सायबर पुलिस को दी गई और जिस नंबर से कॉल आया था उसकी सारी जानकारी निकालने पर पता चला यह नम्बर अमाहा यह किसी सुरेंद्र कुशवाह नाम ये शख़्स का है जिस पर तुरंत एक टीम गठित कर आरोपी को गिरफ़्तार करने भेजा गया लेकिन पुलिस भी उस वक़्त भौंचक्की रह गई जब पता चला कि आरोपी बारहवीं क्लास का एक नाबालिग छात्र है उसे गिरफ़्तार कर थाने लाया गया और जब उससे पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह अपने एक दोस्त के साथ मिलकर फ़्री फ़ायर गेम की आयडी ख़रीदना चाहता था जिसके चलते उसने इस वारदात को अंजाम दिया था हालाँकि फ़रियादी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज तो किया लेकिन क़ानूनी बाध्यताओं के चलते आरोपी को कच्ची ज़मानत देकर छोड़ दिया गया. इधर मामला मैं आरोपी की ज़मानत हो जाने से पीड़ित परिवार दहशत में हैं उनका आरोप है कि उन्हें द्वारा ऐसे आरोपी जिसने हमें जान से मारने की धमकी दी है उसे छोड़ दिया जाना हमारे जीवन पर संकट बना हुआ है वह कभी भी अपने साथियों के साथ मिलकर प्रयास ही परिवार को नुक़सान पहुँचा सकता है वहीं मामले में पुलिस का कहना है कि क़ानूनी प्रक्रिया के तहत जो धाराएँ पीड़ितकी शिकायत पर आरोपी पर लगायी गई थी उनकी वजह से उन्हें ज़मानत पर आरोपी को छोड़ना पड़ा है साथ ही उनका कहना है कि यह महज़ बच्चों द्धारा एक गेम ख़रीदने के लिए की गई हरकत की ऐसे में फ़रियादी पक्ष को डरने की ज़रूरत नहीं है.


