अशोकनगर । बिन मानसून – गुजरा जून । खेतों में सोयाबीन की फसल सूखने की कगार पर ।
आसमान में टकटकी लगाकर बारिश की बाट जोह रहे किसान। बारिश की खेंच ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।

ओमप्रकाश रघुवंशी की रिपोर्ट
अशोकनगर – जिले मे इस वर्ष खरीफ की फसले मे सोयाबीन की बोनी 15% से अधिक हो चुकी है।दो लाख 75हजार 800हैक्टेयर क्षेत्र मे सोयाबीन की बोनी हुई है। इस वर्ष भी सोयाबीन को प्रमुखता से प्रमुख फसलों में शामिल किया गया है। कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यदि 1 सप्ताह पानी नहीं गिरा तो जिन किसानों ने बोनी कर दी है उन्हें समस्या पैदा हो सकती है ।वहीं खेतों में अंकुरित होते ही सोयाबीन मुरझाने लगा है। बोनी करने वाले किसान अब आसमान की तरफ टकटकी लगाकर बारिश का इंतजार करने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि दो से तीन दिन में बारिश नहीं हुई तो दोबारा बोवनी करने की नौबत आ सकती है। इस बार किसान को सोयाबीन का बीज ₹10000 कुंटल तक का खरीद कर बोया है।वाही इस बार जून माह की शुरूआत में ही बारिश होने से किसानों में उम्मीद जगी थी कि अबकी बार उनकी खरीफ की फसल ठीक होगी। जिस पर किसानों ने खाद बीज का इंतजाम कर खेतों की जुताई व बुवाई भी कर दी थी, लेकिन आगे मानसून कमजोर होने और तापमान में कोई खास कमी न आने से बोई गई फसल भी खराब होने लगी है। आसमान में छा रहे बादल बिना बरसे ही लौटने से किसान मायूस हो रहे हैं। पिछले दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद लगभग 25 प्रतिशत किसानों ने सोयाबीन उपज की बोवनी कर दी। लेकिन बारिश नहीं होने से उम्मीदों पर पानी फिरता नजर आ रहा है।


