चंदेरी अनिल माधव दवे की पुण्यतिथि पर किया वृक्षारोपण

चंदेरी से राकेश बैरसिया की की रिपोर्ट
चंदेरी– मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद ब्लॉक चंदेरी जिला अशोकनगर द्वारा आज प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं समाजसेवी पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अनिल माधव दवे जी की पुण्यतिथि पर ब्लॉक चंदेरी में वृक्षारोपण के कार्यक्रम सभी ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति एवं नवांकुर समिति/ सीएमसीएलडीपी स्टूडेंट द्वारा किए गए इसी प्रकार नगर विकास प्रस्फुटन समिति चन्देरी द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम किया गया इसमें ब्लॉक चंदेरी के ब्लॉक समन्वयक श्री दीपक पटेरिया मेंटर्स सुनील ढीगरा
चंद्र प्रकाश मिश्रा राहुल याज्ञनिक एवं नगर प्रस्फुटन समिति के अध्यक्ष विवेक राठौर और अन्य वालंटियर शामिल हुए और समाज को संदेश दिया कि वृक्षारोपण के द्वारा हम किस प्रकार पर्यावरण को संतुलित कर सकते हैं वृक्षारोपण आज के समय की बहुत बड़ी मांग है इस प्रकार से हम सभी को पांच वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए नगर विकास प्रस्फुटन समिति एवं मेंटर्स द्वारा चंदेरी के प्रत्येक वार्ड में कोरोना से बचने के लिए दीवार लेखन किया गया और पूरे शहर में जन जागरूकता अभियान चलाकर सभी को मास्क लगाने के लिए व समय-समय पर हाथ धोने के लिए जागरूक किया गया कार्यक्रम में बृक्षारोपण औऱ पर्यावरण के महत्व को विस्तार से समझाते हुए नगर विकास प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष विवेक राठौर के द्वारा बताया गया की वृक्षारोपण का अर्थ वृक्षों या पेड़ों को उगाने से है और यह हमारे लिए अत्यंत आवश्यक भी है। दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे प्रदूषण को रोकने के उपायों में से वृक्षारोपण भी एक उपाय है। वृक्षारोपण होने से प्रकृति का सौंदर्य भी बढ़ता है और अनेक जीवों को लाभ पहुंचता है। मानव ने अपने स्वार्थ की पूर्ति करने के लिए प्रकृति को बहुत अधिक हानि पहुंचाई है जिसका परिणाम आज हमें प्रदूषण, सूखा पड़ना आदि के रूप में भुगतना पड़ रहा है। मगर फिर भी मानव वृक्षारोपण करने की जगह अभी भी पेड़ों की कटाई कर रहा है, जिसके कारण प्रकृति भी अपना सौंदर्य खोती जा रही है।
वृक्ष सभी जीवों के जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं और मनुष्यों के लिए तो ये किसी वरदान से कम नहीं है। मनुष्य इनसे लकड़ी, फल, सब्जियां और अन्य तरह तरह की विभिन्न वस्तुएं प्राप्त करता है। इसी प्रकार शाकाहारी जानवर भी अपने भोजन की व्यवस्था वृक्षों से ही करते हैं और इन्हीं शाकाहारी जानवरों पर मांसाहारी जानवरों का जीवन निर्भर करता है। अतः प्रत्येक जीव का जीवन किसी ना किसी रूप से वृक्षों पर निर्भर है।
इसके अतिरिक्त वृक्ष हमें शुद्ध वायु एवं तपती गर्मी में छाया प्रदान करते हैं। मनुष्य वृक्षों की छांव में रहकर स्वयं को सूर्य की गर्मी से बचा लेता है। वृक्षों का एक लाभ और है कि यह गिलहरी, बंदर, अनेकों पक्षियों और कई जीवों का घर होता है। इतना सब कुछ देने के पश्चात भी मनुष्य आज लगातार वृक्षों की कटाई करने में लगा हुआ है और इनके महत्व को अनदेखा कर रहा है। यही कारण है कि प्रदूषण एवं प्राकृतिक आपदाओं का सामना मनुष्य को करना पड़ रहा
कार्यक्रम का समापन विवेक राठौर के द्वारा आभार प्रकट कर किया गया |


