तेंदूखेड़ा।उपचार के लिए लाचार जिला मुख्यालय या महानगरों मैं जाने की मजबूरी अस्पताल भवन हो रहा खस्ताहाल जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं

तेंदूखेड़ा नरसिंहपुर से नितिन राय की खास रिपोर्ट
15 दिन से लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तेंदूखेड़ा में बड रहा मौतों का आंकड़ा आदिवासी बाहुल्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले तीन जिलों की सीमाओं पर स्थित तहसील मुख्यालय तेंदूखेडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वास्थ्य सुविधाओं की दरकार है, यहाँ पर ना तो विशेषज्ञ डाक्टर हैं और ना ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधा उपकरणों के लिए भी पदस्थ संविदा डाक्टर साथ ही कर्मचारियों को भी परेशान होना पड़ता है, महिला विशेषज्ञ डाक्टर ना होने की स्तिथि में क्षेत्र की लगभग 60 से 70 हजार महिलाओं को बाहर बडे महानगरों में इलाज करवाने जाना पडता है, सोनोग्राफी एक्सरे और सिटी स्कैन कराने 60 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है, जिसमें मरीजों को आर्थिक रूप से परेशान होना पड़ता है, और समय भी लगता है, ढेड़ दशक पूर्व बनी सरकारी अस्पताल भी अब जर्जर स्तिथि में खस्ताहाल हो रही है इस अस्पताल को भी सर्व सुविधा युक्त बनाने की जरूरत है, वहीँ अस्पताल की सुरक्षा की दृष्टि से बाउंड्री वाल की भी जरूरत है, इस दिशा में समय समय पर जनप्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया है लेकिन यह आवाज नक्कार खाने में तूती की आवाज बनकर रह गई है,


