दुनिया की टॉप 20 इकोनॉमी में भारत की ग्रोथ सबसे तेज, ये रहा सबूत

भारत की इकोनॉमी ने अपनी गति को साबित किया है। लंबे समय से आर्थिक मंदी के संकेत मिल रहे थे, लेकिन अब आईएमएफ (IMF) की रिपोर्ट ने ये साफ कर दिया है कि भारत की ग्रोथ अमेरिका और चीन से भी तेज हो रही है। पिछले 10 वर्षों में भारत की जीडीपी में भारी उछाल देखा गया है। 2015 में भारत की जीडीपी 2.4 ट्रिलियन डॉलर थी, जो अब 2025 तक 4.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है।
सभी सेक्टर्स में वृद्धि
भारत की तेज ग्रोथ के पीछे हर सेक्टर का योगदान है। मैन्युफैक्चरिंग, कोर सेक्टर और सर्विस सेक्टर में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है। खासकर भारत की महंगाई दर यूरोप और अमेरिका से कहीं नीचे है, जो यह साबित करता है कि भारत की इकोनॉमी सही दिशा में बढ़ रही है।
जर्मनी की रिपोर्ट से मिली उम्मीद
आईएमएफ से पहले, जर्मनी की डॉयचे बैंक ने भी भारतीय इकोनॉमी को लेकर सकारात्मक आकलन किया है। बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही 2023 की तीसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ थोड़ी धीमी रही थी, लेकिन दिसंबर तिमाही में 6.2 फीसदी वृद्धि का अनुमान है। डॉयचे बैंक का मानना है कि सबसे बुरा दौर खत्म हो चुका है और आगे आर्थिक गतिविधियों में सुधार की उम्मीद है।
आर्थिक विकास का अनुमान
भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर हाल ही में एसबीआई और एनएसओ ने भी सकारात्मक अनुमान व्यक्त किया है। एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी तिमाही में भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ 6.3 फीसदी तक रह सकती है।
इकोनॉमी को बढ़ावा देने के उपाय
भारत सरकार और रिजर्व बैंक इकोनॉमी को और तेजी से बढ़ाने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। हाल ही में, रिजर्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कटौती की है, जिससे इकोनॉमी को और बूस्ट मिल सकता है। इसके अलावा, अगले कुछ महीनों में और कटौती के आसार हैं।
वर्ल्ड बैंक का भारत पर भरोसा
वर्ल्ड बैंक भी भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर उत्साहित है। वर्ल्ड बैंक ने हाल ही में कहा कि भारत में निवेश करने के लिए यह एक बेहतरीन स्थान है। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक वृद्धि में मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की ग्रोथ पर भरोसा कायम रहेगा और इसे निवेश के लिए उपयुक्त जगह माना जाएगा।



