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दिग्गजों के साथ छोटे शेयरों ने भी किया निवेशकों को नुकसान, क्या बदलेंगे हालात?

कोविड के बाद, जब शेयर मार्केट ने जोरदार तेजी दिखाई थी, तो स्मॉल और मिड कैप शेयरों ने सबसे ज्यादा रिटर्न दिया था और निवेशकों को अच्छे मुनाफे की झोली दी थी। लेकिन अब जब मार्केट में गिरावट का दौर आया है, तो वही छोटे शेयर निवेशकों के लिए सिरदर्द बन चुके हैं। फरवरी का महीना स्टॉक मार्केट के लिए भयंकर गिरावट का साबित हुआ, जिसने 28 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, और स्मॉल तथा मिड कैप कंपनियों के शेयरों की हालत और भी खराब हो गई। सवाल यह है कि क्या आने वाले दिनों में हालात सुधरेंगे?

फरवरी में स्मॉल और मिड कैप शेयरों में बड़ी गिरावट

मार्च 2020 के बाद से फरवरी में स्मॉल और मिड कैप शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली। इस गिरावट ने रिटेल निवेशकों को बुरी तरह से प्रभावित किया है, और इसके पीछे पैनिक सेलिंग की मुख्य वजह मानी जा रही है। बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स फरवरी में 14 प्रतिशत गिर गया, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में भी 10.8 प्रतिशत की गिरावट आई है।

स्मॉल और मिड कैप शेयरों का हाल

बीएसई स्मॉल कैप इंडेक्स में शामिल 938 स्टॉक्स में से 321 स्टॉक्स ऐसे रहे, जिनमें 20 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स तो 21 मार्च 2024 के बाद नए निचले स्तर पर पहुंच गया है। कमजोर वैश्विक बाजार, राजनीतिक अस्थिरता और इन शेयरों में लिक्विडिटी की कमी ने इन्हें और नीचे खींच लिया है।

क्या आने वाले दिनों में हालात सुधरेंगे?

स्मॉल और मिड कैप सेगमेंट में गिरावट का दौर जारी है, और निवेशकों के लिए यह सवाल बन गया है कि आगे क्या करना चाहिए—क्या और शेयर खरीदने चाहिए या मौजूदा शेयरों को होल्ड करना चाहिए? इस पर आईसीआईसीआई डायरेक्ट के टेक्निकल रिसर्च हेड धर्मेश शाह का कहना है कि पिछले दो दशकों में जब भी स्मॉल और मिड कैप शेयरों में करेक्शन आया है, तो यह 25 से 30 प्रतिशत तक हुआ है और इसके बाद बाजार ने वापसी की है।

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