Prayagraj : महाकुंभ मेला क्षेत्र में फिर आग लगी, मौके पर दमकल विभाग की गाड़ियां

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महाकुंभ मेला समापन की ओर बढ़ते हुए, अब भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जा रही है। महाकुंभ 13 जनवरी से शुरू हुआ था और 45 दिनों तक जारी रहेगा। इस दौरान महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को स्नान के साथ मेला संपन्न होगा। लेकिन, इस बड़े धार्मिक आयोजन के बीच कुछ घटनाएँ ऐसी भी घटी हैं, जिन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। हाल ही में महाकुंभ मेला क्षेत्र में आग लगने की खबरें आई हैं।

आग की घटनाएँ और दमकल की कार्रवाई

महाकुंभ मेला क्षेत्र में सेक्टर-8 में अचानक आग लग गई। आग की लपटें उठते ही दमकल विभाग ने तत्परता से कार्रवाई की। दमकल की कई गाड़ियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन इससे टेंट और अन्य सामग्री जलकर खाक हो गई। हालांकि, इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।

यह पहली बार नहीं था जब महाकुंभ मेला क्षेत्र में आग लगी हो। इससे पहले, महाकुंभ के सेक्टर 18 और 19 के बीच दो दिन पहले भी आग लगी थी। इस आग की वजह से लोगों में अफरा-तफरी मच गई थी, लेकिन दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से आग पर काबू पा लिया गया। आग के कारण कई श्रद्धालुओं और संतों का सामान जल गया था, और हरिहरानंद कैंप में 20 से अधिक टेंट जलकर राख हो गए थे।

इसके अलावा, 19 जनवरी को भी सेक्टर 19 में गैस सिलेंडर में विस्फोट के कारण आग लग गई थी। हालांकि, इस घटना में भी कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन सामान जलने से नुकसान हुआ था। इन घटनाओं के बाद से महाकुंभ मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं, खासकर आगजनी जैसी घटनाओं को देखते हुए।

महाकुंभ मेला 13 जनवरी से शुरू होकर 45 दिनों तक चलेगा। साधु-संतों का मेला क्षेत्र छोड़ने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। महाशिवरात्रि के दिन जब डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान करेंगे, तो महाकुंभ का समापन होगा। अब तक करीब 53 करोड़ लोग संगम में स्नान कर चुके हैं। हालांकि, इस तरह की आग की घटनाओं से मेला प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जो मेले के अंतिम दिनों में भी जारी रहेंगे।