Uncategorized

बाजार ने फरवरी को बड़ी गिरावट के साथ कहा अलविदा, मार्च में क्या होगी तेजी या मंदी?

भारत के शेयर बाजार ने फरवरी महीने को एक बड़ी गिरावट के साथ समाप्त किया। आज मार्केट खुलते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भारी गिरावट के साथ निचले स्तर पर पहुंचे। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स में करीब 1000 अंक की गिरावट आई और दिन के अंत तक यह और बढ़ गई। अंत में सेंसेक्स 1,414.33 अंक गिरकर 73,198.10 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 420.35 अंक टूटकर 22,124.70 पर बंद हुआ। यह बाजार का 9 महीने का सबसे निचला स्तर था।

निवेशकों को हुआ बड़ा नुकसान

आज के भारी नुकसान के साथ निफ्टी ने 29 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा है। 1996 के बाद यह पहला अवसर है जब निफ्टी लगातार पांच महीने गिरावट के साथ बंद हुआ है। इससे पहले, 1996 में जुलाई से नवंबर तक ऐसा हुआ था। आज की गिरावट में निवेशकों को 6 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। साथ ही, BSE पर लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में भी भारी गिरावट आई है।

बाजार में गिरावट के कारण

शेयर बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण हैं। कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजे, रुपये की गिरावट, विदेशी निवेशकों की निरंतर बिकवाली और डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से उपजी अनिश्चितता ने बाजार को नकारात्मक रूप से प्रभावित किया है। 27 फरवरी को ट्रंप ने घोषणा की कि कनाडा और मैक्सिको से आयात पर 25 फीसदी टैरिफ 4 मार्च से लागू होगा, और चीन पर अतिरिक्त 10 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। इस तरह के फैसलों से ट्रेड वॉर के तेज होने की संभावना जताई जा रही है, जो बाजार के लिए दबाव बना रहा है।

मार्च में बाजार का क्या रुख होगा?

अब सवाल यह है कि मार्च में शेयर बाजार किस दिशा में जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में कोई बड़ा चमत्कार होने की संभावना नहीं है। यह गिरावट का सिलसिला अब एक भंवर में बदल चुका है, जिससे बाहर निकलने में समय लग सकता है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि तीसरी तिमाही में GDP के आंकड़े भले ही कम रहे हों, लेकिन अर्थव्यवस्था की रिकवरी के संकेत से बाजार में कुछ पॉजिटिव असर देखने को मिल सकता है। इस स्थिति के चलते मार्च में भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

Tags

Related Articles

Back to top button
Close
Close