पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने की प्रक्रिया शुरू, जानें क्या बोले संभागायुक्त?

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Union Carbide Waste Burning : यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद उठाया गया है, और इस प्रक्रिया के तहत ट्रायल के तौर पर 10 टन कचरा जलाया जाएगा। यह प्रक्रिया शुक्रवार दोपहर 3 बजे से शुरू हुई, और इस दौरान संभागायुक्त दीपक सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सावधानी के साथ की जा रही है, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की चिंता या अफवाह का सामना न करना पड़े।

पारदर्शिता और सार्वजनिक निगरानी सुनिश्चित

संभागायुक्त दीपक सिंह ने जनता से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और किसी भी भ्रम में न पड़ें। उन्होंने कहा, “सभी कदम आपकी आंखों के सामने उठाए जा रहे हैं और किसी भी गतिविधि को छुपाया नहीं जा रहा है।” इस प्रक्रिया का लाइव प्रसारण सोशल मीडिया पर किया जा रहा है, जिससे लोग वास्तविक समय में कचरा जलने की स्थिति देख सकते हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग अपनी वेबसाइट पर लगातार रिपोर्ट अपडेट कर रहा है, जिससे सभी को पारदर्शिता का पूरा भरोसा है।

गैस उत्सर्जन का डेटा लाइव दिखाया जा रहा है

दुनिया भर में लोग अब लाइव देख सकते हैं कि यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा कैसे जलाया जा रहा है। कचरा जलाने के बाद गैस उत्सर्जन का स्तर भी लाइव दिखाई जा रहा है, जो प्रदूषण नियंत्रण के साथ-साथ लोगों को यह विश्वास दिलाता है कि सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के डायरेक्टर एसके द्विवेदी ने बताया कि डिस्प्ले बोर्ड पर गैस उत्सर्जन का डेटा लगातार अपडेट किया जा रहा है।

गैस उत्सर्जन के आंकड़े

  • नाइट्रोजन ऑक्साइड: 74.75 मिलीग्राम / सामान्य घनमीटर
  • ऑक्सीजन: 14.51%
  • टोटल ऑर्गेनिक कार्बन: 12.41 मिलीग्राम / सामान्य घनमीटर
  • पर्टिकुलेट मेटर: 11.33 मिलीग्राम / सामान्य घनमीटर
  • कार्बन मोनोऑक्साइड: 738 मिलीग्राम / सामान्य घनमीटर
  • सल्फर डाईऑक्साइड: 5.22 मिलीग्राम / सामान्य घनमीटर
  • कार्बन डाईऑक्साइड: 4.7%
  • हाइड्रोजन फ्लोराइड: 0.35%

कचरा निपटान में सुरक्षा और सावधानी की पूरी गारंटी

कचरा जलाने की यह प्रक्रिया 72 घंटे तक चलेगी, और इस दौरान किसी भी तरह की सुरक्षा या स्वास्थ्य संबंधी समस्या को रोकने के लिए पूरी सतर्कता बरती जाएगी। धार प्रशासन, प्रदूषण विभाग और रामकी कंपनी के वैज्ञानिक लगातार निगरानी रख रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रक्रिया पूरी तरह से सुरक्षित है।