
कैलारस मुरैना से गिर्राज कुमार शर्मा की रिपोर्ट
मुरैना संयुक्त किसान मोर्चा के देशव्यापी आव्हान पर तीनों कृषि विरोधी काले कानूनों की वापसी की मांग को लेकर तथा एमएसपी पर खरीदी की गारंटी का कानून बनाने के लिए देशभर में राज भवनों पर, जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन, घेराव करते हुए, एकत्रित होकर किसान नेताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय अधिकारियों को दिए। इसी कड़ी में मुरैना में पुरानी कलेक्ट्रेट पर एकत्रित होकर किसान मोर्चा के नेता गणों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया। जिसमें जेके पिप्पल, श्री कृष्ण यादव, रामविलास शर्मा, गुलाब सिंह कुशवाह, अशोक जाटव, राजेंद्र सिंह आदि शामिल रहे। इसी क्रम में कैलारस में तहसील कार्यालय पर एकत्रित होकर किसान नेताओं ने नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार भरत कुमार को दिया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक तिवारी, गया राम सिंह धाकड़, ओमप्रकाश श्रीवास, केएन शर्मा, महेश प्रजापति, शिवनारायण यादव,निरंजन शाक्य, सुरेश धाकड़ ,जगन्नाथ सिंह, सरवन लाल, सियाराम, बनवारी लाल आदि ने किया ।सबलगढ़ में पुलिस थाना पर पहुंच कर किसान नेतागण मुरारी लाल धाकड़, बनवारी लाल जाटव, रतन लाल शाक्य, इसराइल खान, विशाल जाटव , महेंद्रसिंह सोलंकी, पंकज राठौर, कोक सिंह कुशवाह आदि के नेतृत्व में तहसीलदार सुभृता त्रिपाठी को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में मुख्यतः तीनों कानूनों की वापसी की मांग की गई है। ज्ञातव्य हो कि किसान आंदोलन को 7 माह बीत गए हैं, 500 से ज्यादा किसानों की शहादत के बाद भी मोदी सरकार किसानों की सुनने के लिए तैयार नहीं है। तानाशाही पूर्ण रवैया अख्तियार किए हुए हैं। लेकिन किसानों ने भी संकल्प लिया है कि जब तक तीनों कृषि विरोधी काले कानून वापस नहीं होंगे एमएसपी पर खरीदी का कानून नहीं बनाया जाएगा। तब तक किसान आंदोलन जारी रहेगा। यह आंदोलन आजादी के बाद का सबसे बड़ा शांतिप्रिय जन आंदोलन बन गया है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतागण आज सभी प्रदेशों की राजधानियों में राज भवनों पर प्रदर्शन कर राष्ट्रपति महोदय के नाम ज्ञापन भी दे रहे हैं। आगामी समय में किसान मोर्चा रणनीति तैयार कर आंदोलन को तेज करेगा।


