अशोकनगर से रामकुमार ओझा की रिपोर्ट
अशोकनगर
शहर मैं एक तालाब पछाड़ी खेड़ा तालाब के नाम से प्रसिद्ध है इसके अंदर भी एक टापू स्थित है इस तालाब को अशोक नगर की शान भी कहा जाता है अशोक नगर की शान कहे जाने वाले इस तालाब को अशोकनगर के स्थानीय निवासियों द्वारा अपने कपड़े एवं वस्त्र धोने के लिए उपयोग किया जा रहा है जिससे उसका जल बहुत ही प्रदूषित हो रहा है जिस कारण वहां के स्थानीय निवासियों को प्रदूषण का सामना करना पड़ता है और यही तालाब अशोकनगर के धार्मिक काम कारों के लिए इसी तालाब को चुना गया है जिसमें धार्मिक व्यक्ति अपने घर से या कहीं से लाए हुए धार्मिक वस्तुओं को इसी तालाब में फेंके जाते हैं जिससे कि इसका जल बहुत बुरी तरह से प्रदूषित हो रहा है इसी में वहां के स्थानीय निवासी इसी जल में नहाते हुए नजर आते हैं जैसे की बहुत सारी बीमारियों को फैलने का खतरा रहता है अशोक नगर में बहुत सी टेंटों की दुकान है उसी दुकानों के परदे आदि को किसी तालाब में लाकर धोया जाता है जिससे कि यहां जल बहुत ही जहरीला हो गया है और उसमें से बदबू की आने लगी है यहां के स्थानीय निवासी अपने पालतू पशुओं को इसी तालाब में गर्मी के कारण पानी पिलाने के लिए लाते हैं लेकिन जल प्रदूषित होने के कारण अपने पालतू पशुओं को जल नहीं पिलाते उनको यह भय लगा रहता है कि इस जल को लेकर हमारे पालतू पशु बीमार ना हो जाएं
